अगस्त में सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में वृद्धि जारी, रफ्तार मार्च 2022 के बाद दूसरी सबसे धीमी

Edited By Updated: 03 Sep, 2026 01:19 PM

service sector activity continues to expand in august

देश में अगस्त में सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में वृद्धि जारी रही और उत्पादन तथा नए कारोबार में मजबूती से इसे समर्थन मिला। हालांकि, वृद्धि की कुल रफ्तार मार्च 2022 के बाद दूसरी सबसे धीमी रही। बृहस्पतिवार को जारी मासिक सर्वेक्षण से यह जानकारी मिली।...

नई दिल्लीः देश में अगस्त में सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में वृद्धि जारी रही और उत्पादन तथा नए कारोबार में मजबूती से इसे समर्थन मिला। हालांकि, वृद्धि की कुल रफ्तार मार्च 2022 के बाद दूसरी सबसे धीमी रही। बृहस्पतिवार को जारी मासिक सर्वेक्षण से यह जानकारी मिली। मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया सेवा पीएमआई कारोबारी गतिविधि सूचकांक जुलाई के 53.3 से बढ़कर अगस्त में 54.1 हो गया। मांग की स्थिति अनुकूल बनी रही और नए कारोबार का प्रवाह भी बढ़ता रहा। 

अगस्त में दर्ज वृद्धि की रफ्तार मार्च 2022 के बाद दूसरी सबसे कमजोर रही। इसकी वजह बुकिंग में कमी, कड़ी प्रतिस्पर्धा और परिवहन सेवाओं में कमी रही। यह सेवा सूचकांक इस सवाल के आधार पर तैयार किया जाता है कि कारोबार की गतिविधि का स्तर पिछले महीने की तुलना में कैसा रहा। एचएसबीसी की मुख्य अर्थशास्त्री (भारत) प्रांजुल भंडारी ने कहा, ''अगस्त में भारत की सेवा गतिविधियों में वृद्धि की रफ्तार बढ़ी। उत्पादन और नए कारोबार में मजबूती से वृद्धि को समर्थन मिला, हालांकि कुल वृद्धि की रफ्तार चार साल से अधिक समय में देखी गई सबसे कमजोर रफ्तार में रही। कुछ कंपनियों ने बुकिंग में कमी, प्रतिस्पर्धा और परिवहन सेवाओं में कमी का जिक्र किया।'' 

इसके बावजूद कंपनियों ने कर्मचारियों की भर्ती जारी रखी और रोजगार सृजन 15 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया। वहीं, कीमतों पर दबाव में मामूली ही वृद्धि हुई। कंपनियों ने डिजिटल मंचों, बिजली, कच्चे माल, श्रम, विपणन और नियामकीय जरूरतों पर अधिक खर्च की जानकारी दी। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय मांग से वृद्धि को लगातार समर्थन मिलता रहा। नए निर्यात ऑर्डर में मजबूत वृद्धि हुई और इसकी रफ्तार जुलाई के समान रही। कंपनियों ने ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, जापान, मलेशिया, सिंगापुर, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सहित विभिन्न बाजारों के ग्राहकों से कारोबार बढ़ने की जानकारी दी। अगले एक साल के परिदृश्य को लेकर भरोसा जुलाई की तुलना में लगभग अपरिवर्तित रहा और दीर्घकालिक औसत से नीचे बना रहा। सेवा प्रदाताओं को उम्मीद बनी रही कि बाजार की स्थिति और मांग में सुधार होगा। प्रौद्योगिकी को अपनाने और उसके बारे में जानकारी हासिल करने से भी उम्मीद को समर्थन मिला। इस बीच, एचएसबीसी इंडिया समग्र पीएमआई उत्पादन सूचकांक अगस्त में 54.3 रहा, जो फरवरी 2022 के बाद दूसरा सबसे कमजोर स्तर है। 

वस्तु उत्पादकों ने वृद्धि की रफ्तार में कमी की जानकारी दी जबकि सेवा प्रदाताओं ने वृद्धि में तेजी दर्ज की। समग्र पीएमआई सूचकांक, तुलनीय विनिर्माण एवं सेवा पीएमआई सूचकांकों का भारित औसत है। भार, आधिकारिक जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) आंकड़ों के अनुसार विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों के सापेक्ष आकार को दर्शाता है। सर्वेक्षण में कहा गया, ''सेवा गतिविधियों की वृद्धि में तेजी ने अगस्त में विनिर्माण क्षेत्र की धीमी वृद्धि की भरपाई कर दी और निजी क्षेत्र की वृद्धि की रफ्तार में कोई बदलाव नहीं हुआ। हालांकि, कुल रोजगार और नए ऑर्डर की मात्रा में वृद्धि की रफ्तार तेज रही।'' एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई का संकलन एसएंडपी ग्लोबल करीब 400 सेवा क्षेत्र की कंपनियों के समूह को भेजी गई प्रश्नावलियों के जवाब के आधार पर करता है।

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