FDI आवेदनों के निपटान के लिए अद्यतन एसओपी जारी, 12 सप्ताह में होगा फैसला

Edited By Updated: 05 May, 2026 06:23 PM

updated sops issued for processing fdi applications

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रस्तावों के निपटान के लिए जारी अद्यतन मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत अब सरकार सभी आवेदनों पर 12 सप्ताह के भीतर फैसला करेगी। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की ओर से जारी अद्यतन मानक संचालन...

नई दिल्लीः प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रस्तावों के निपटान के लिए जारी अद्यतन मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत अब सरकार सभी आवेदनों पर 12 सप्ताह के भीतर फैसला करेगी। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की ओर से जारी अद्यतन मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार, प्रस्तावों पर निर्णय लेने के लिए अधिकतम 12 सप्ताह का समय निर्धारित किया गया है। इसमें आवेदकों के प्रस्तावों में कमियों को दूर करने या सक्षम प्राधिकारी द्वारा मांगी गई अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध कराने में लगा समय शामिल नहीं होगा। 

सरकार के 2017 की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए अधिकतम 10 सप्ताह का समय निर्धारित किया गया था। वर्तमान एसओपी के अनुसार, जिन प्रस्तावों को अस्वीकृति के लिए प्रस्तावित किया गया है या जिन पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा अतिरिक्त शर्तें लगाने का प्रस्ताव है, उनके विचार के लिए डीपीआईआईटी को अतिरिक्त दो सप्ताह का समय भी दिया जाएगा। डीपीआईआईटी ने कहा, ''इस एसओपी का मकसद प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह कागजरहित बनाना है। इसलिए आवेदक को एफडीआई प्रस्तावों के निपटान के लिए आवश्यक किसी भी दस्तावेज की भौतिक प्रति जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।'' 

डीपीआईआईटी, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का एक हिस्सा है जो प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) से संबंधित मुद्दों का निपटारा करता है। एसओपी के अनुसार, भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों से आने वाले निवेश प्रस्तावों तथा अन्य आवश्यक मामलों में सभी आवेदनों को निर्धारित समय सीमा के भीतर टिप्पणियों/अनुमोदन के लिए विदेश मंत्रालय को भेजा जाएगा। इसमें यह भी कहा गया कि किसी भी प्रस्ताव पर परामर्श के लिए शामिल सभी मंत्रालयों एवं विभागों (जिनमें भारतीय रिजर्व बैंक, गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय शामिल हैं) को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी टिप्पणियां देनी होंगी। यदि निर्धारित समय में टिप्पणियां प्राप्त नहीं होती हैं, तो यह माना जाएगा कि उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। एसओपी में भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, म्यांमार और अफगानिस्तान से निवेश के संबंध में अलग से दिशानिर्देश भी शामिल हैं। 

सरकार ने चीन/हांगकांग की 10 प्रतिशत तक शेयरधारिता (या गैर-नियंत्रणकारी हिस्सेदारी) वाली विदेशी कंपनियों के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों में पिछले महीने ढील दी थी जिससे वे लागू क्षेत्रीय शर्तों एवं एफडीआई सीमाओं के अधीन स्वचालित मार्ग के तहत भारत में निवेश कर सकें। विभाग ने बयान में साथ ही कहा कि 5,000 करोड़ रुपए से अधिक के कुल विदेशी इक्विटी प्रवाह से जुड़े प्रस्तावों के मामले में, आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) निर्णय लेगी। सरकारी स्वीकृति की आवश्यकता वाले आवेदन विदेशी निवेश सुविधा/एनएसडब्ल्यूएस (राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली) मंच के माध्यम से ऑनलाइन जमा किए जाने चाहिए। 

और ये भी पढ़े

    संबंधित मंत्रालय एवं विभाग, मंच पर प्रस्तावों की जांच करेंगे। ऑनलाइन प्रस्ताव दाखिल होने के बाद, डीपीआईआईटी संबंधित मंत्रालय की पहचान करेगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन की प्रक्रिया और निपटान के लिए उसे नियुक्त करेगा। अप्रैल-फरवरी 2025-26 के दौरान, भारत में कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 88 अरब डॉलर से अधिक रहा। अधिकतर क्षेत्रों में विदेशी निवेश स्वतः मार्ग से स्वीकृति प्राप्त है। वर्तमान में रक्षा, प्रसारण सामग्री सेवाएं, प्रिंट मीडिया और बैंक सहित लगभग 11 क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए सरकारी मंजूरी आवश्यक है। 

    Related Story

      img title
      img title

      Be on the top of everything happening around the world.

      Try Premium Service.

      Subscribe Now!