Edited By Niyati Bhandari,Updated: 28 Sep, 2026 01:06 PM

राजधानी दिल्ली घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए अब सिर्फ लाल किला, कुतुब मीनार और अन्य ऐतिहासिक स्मारक ही आकर्षण का केंद्र नहीं हैं। शहर में प्रकृति की गोद में विकसित किए गए नए पर्यटन स्थल भी लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। यमुना किनारे का असिता ईस्ट,...
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए अब सिर्फ लाल किला, कुतुब मीनार और अन्य ऐतिहासिक स्मारक ही आकर्षण का केंद्र नहीं हैं। शहर में प्रकृति की गोद में विकसित किए गए नए पर्यटन स्थल भी लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। यमुना किनारे का असिता ईस्ट, बांसेरा पार्क और महरौली पुरातत्व उद्यान ऐसे ही स्थान हैं, जहां हरियाली, पक्षियों की चहचहाहट, जलाशय और मनोरंजन की सुविधाएं पर्यटकों को अपनी ओर खींच रही हैं।
असिता ईस्ट में हरियाली के साथ पक्षियों का बसेरा
असिता ईस्ट को दिल्ली की प्रमुख रिवरफ्रंट परियोजनाओं में विकसित किया गया है। करीब 222 एकड़ में फैले इस पार्क में सामान्य दिनों में 400 से 500 पर्यटक प्रतिदिन पहुंचते हैं। यहां सुबह 10 बजे तक प्रवेश नि:शुल्क है। इसके बाद भारतीय पर्यटकों के लिए 50 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क लिया जाता है।
विदेशी पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क 200 रुपए प्रति व्यक्ति है, जबकि मासिक पास की सुविधा भी उपलब्ध है। पार्क में हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य के साथ स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की कई प्रजातियां देखने को मिलती हैं। विभिन्न प्रजातियों के पेड़, झाड़ियां और फूलदार पौधे वातावरण को आकर्षक बनाते हैं। यहां बुद्ध और सूर्य की प्रतिमाएं भी पर्यटकों का ध्यान खींचती हैं।
बांसेरा में बांस की 10 प्रजातियां
पूर्वी दिल्ली में यमुना नदी के सुरम्य तट पर करीब 402 एकड़ में फैला बांसेरा पार्क बांस आधारित थीम पार्क है। यहां बांस की करीब 10 प्रजातियां मौजूद हैं। पार्क में रेस्तरां, म्यूजिकल फाऊंटेन, वॉकिंग ट्रेल्स, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, जलाशय और हरे-भरे मैदान हैं।
यहां पक्षियों की कई प्रजातियां भी दिखाई देती हैं। गर्मियों में प्रतिदिन करीब 500 पर्यटक यहां पहुंचते हैं, जबकि सर्दियों में संख्या बढ़कर करीब 1,500 तक पहुंच जाती है। यहां भी भारतीय पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क 50 रुपए और विदेशी पर्यटकों के लिए 200 रुपए है।
महरौली पार्क में इतिहास के साथ रोमांच
महरौली पुरातत्व उद्यान प्रकृति और इतिहास का अनूठा मेल है। जंगल से घिरे इस उद्यान में कृत्रिम जलाशय और बहता पानी पर्यटकों को रोमांचित करता है। सप्ताहांत में यहां करीब 800 से 1,000 लोग पहुंच रहे हैं। ऐतिहासिक स्मारक में बने रीडिंग रूम में पढ़ने का मौका भी मिलता है। इसके अलावा पर्यटक कैरम और शतरंज जैसे खेलों का आनंद ले सकते हैं। इस तरह ये तीनों स्थल दिल्ली में प्रकृति, मनोरंजन और इतिहास को एक साथ अनुभव करने का नया विकल्प बन रहे हैं।