फाजिल्का में 1100 बहनें जवानों की कलाई पर बांधेंगी राखी

Edited By Updated: 19 Aug, 2026 07:53 AM

fazilka raksha bandhan jawans event

रक्षाबंधन का पर्व इस बार परिवार की चौखट से निकलकर देश की सरहद तक पहुंचेगा। भारत-पाक सीमा से सटे फाजिल्का के असफवाला वॉर मैमोरियल में 23 अगस्त को ‘राखी सरहद के नाम’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

चंडीगढ़ (लल्लन): रक्षाबंधन का पर्व इस बार परिवार की चौखट से निकलकर देश की सरहद तक पहुंचेगा। भारत-पाक सीमा से सटे फाजिल्का के असफवाला वॉर मैमोरियल में 23 अगस्त को ‘राखी सरहद के नाम’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का पोस्टर मंगलवार को चंडीगढ़ में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने लॉन्च किया।

इस दौरान करण गिल्होत्रा और नवदीप असीजा ने मेजबान की भूमिका निभाई। इस आयोजन में फाजिल्का की 1100 महिलाएं अपने परिवारों के साथ पहुंचकर भारतीय सेना और बी.एस.एफ. के 1100 जवानों की कलाई पर राखी बांधेंगी। इसके माध्यम से महिलाएं देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे जवानों के प्रति सम्मान, विश्वास और कृतज्ञता व्यक्त करेंगी।

असफवाला वॉर मैमोरियल में होने वाले इस आयोजन का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि यह स्मारक 1971 के भारत-पाक युद्ध में फाजिल्का सैक्टर की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले 232 भारतीय सैनिकों की शहादत की याद दिलाता है। ऐसे पवित्र स्थल पर जवानों को राखी बांधना शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने का प्रतीक भी होगा। 

आयोजकों करण गिल्होत्रा, नवदीप असीजा और रमन खुराना के अनुसार कार्यक्रम में सेवारत सेना और बी.एस.एफ. जवानों के साथ पूर्व सैनिक, शहीद परिवार, उनके परिजन, नागरिक, सामाजिक संगठन, स्कूल, धार्मिक संस्थाओं और विभिन्न सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

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