Edited By Pardeep,Updated: 19 Aug, 2026 11:31 PM

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर द्वारा जम्मू-कश्मीर को "भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा" बताए जाने के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट सामने आई है। पाकिस्तान ने बुधवार को इस्लामाबाद में अमेरिकी कार्यवाहक (Charge d’Affaires) को तलब किया और अमेरिकी राजदूत के इस बयान पर...
नई दिल्ली/इस्लामाबाद: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर द्वारा जम्मू-कश्मीर को "भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा" बताए जाने के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट सामने आई है। पाकिस्तान ने बुधवार को इस्लामाबाद में अमेरिकी कार्यवाहक (Charge d’Affaires) को तलब किया और अमेरिकी राजदूत के इस बयान पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
श्रीनगर दौरे पर आए अमेरिकी राजदूत का बड़ा बयान
राजदूत सर्जियो गोर कार्यभार संभालने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर के दौरे पर श्रीनगर पहुंचे थे, जहां उन्होंने नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित एक संयुक्त पत्रकार वार्ता के दौरान गोर ने कहा, "यहां आना मेरे लिए बेहद खुशी की बात है। यह भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मैं यहां पहली बार आया हूं। यह एक बेहद खूबसूरत जगह है और मैं यहाँ आकर बेहद रोमांचित हूँ"।
ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा करेगा अमेरिका
इस दौरान अमेरिकी राजदूत ने संकेत दिया कि वॉशिंगटन जम्मू-कश्मीर के लिए अपनी यात्रा चेतावनी (Travel Advisory) की समीक्षा कर सकता है और इसे कम (downgrade) करने पर विचार कर सकता है। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि भारत सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा सुधार के लिए कदम उठाए हैं। राजदूत गोर ने कहा, "मैं आज कोई बड़ी घोषणा तो नहीं कर सकता, लेकिन यह एक ऐसा विषय है जिसे हम जरूर देखेंगे"।
आर्थिक सहयोग और विकास के अवसरों पर चर्चा
सर्जियो गोर ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ अपनी बैठक को बेहद सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच आर्थिक सहयोग को गहरा करने और भारत व अमेरिका दोनों के लिए फायदेमंद नए अवसर पैदा करने पर सार्थक चर्चा हुई।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बताया कि इस बातचीत का मुख्य केंद्र यह था कि वॉशिंगटन जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए क्या कर सकता है। इसके साथ ही उन्होंने कुछ पुराने लंबित मुद्दों (legacy issues) का भी उल्लेख किया जिनका समाधान किया जाना बाकी है। अब्दुल्ला ने अत्यधिक आशावाद व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में अमेरिका और जम्मू-कश्मीर के बीच आपसी जुड़ाव और मजबूत व व्यापक होगा।