Edited By Anu Malhotra,Updated: 18 Aug, 2026 10:39 AM
महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने सोमवार को चेतावनी दी कि विज्ञापन चेन में शामिल सभी लोग जवाबदेह हैं। उन्होंने सरोगेट प्रोडक्ट्स का प्रचार करने वाले सेलिब्रिटीज़ के ख़िलाफ़ कार्रवाई का बचाव किया और बताया कि एक महीने में 8,000 से ज़्यादा...
मुंबई: महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने सोमवार को चेतावनी दी कि विज्ञापन चेन में शामिल सभी लोग जवाबदेह हैं। उन्होंने सरोगेट प्रोडक्ट्स का प्रचार करने वाले सेलिब्रिटीज़ के ख़िलाफ़ कार्रवाई का बचाव किया और बताया कि एक महीने में 8,000 से ज़्यादा सार्वजनिक शिकायतों का समाधान किया गया। फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने हाल ही में शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को 'विमल इलायची' के विज्ञापन में दिखने के लिए कारण बताओ नोटिस और अंतिम चेतावनी जारी की। FDA का कहना है कि यह कैंपेन पहली नज़र में प्रतिबंधित पान मसाला और तंबाकू से जुड़े प्रोडक्ट्स का अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रमोशन है।
पूरी चेन में शामिल हर कोई ज़िम्मेदार
PTI के साथ एक खास इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि विज्ञापन की जांच एक प्रतिबंधित प्रोडक्ट के संभावित सरोगेट के तौर पर की जा रही है, क्योंकि कंपनी पहले गुटखा बेचती हुई भी पाई गई थी। मुंडे ने ज़ोर दिया कि विज्ञापन और दावे बनाने, पब्लिश करने या प्रायोजित करने में शामिल सभी लोगों पर नियम लागू होते हैं और "पूरी चेन में शामिल हर कोई ज़िम्मेदार है"।
मुंडे ने कहा कि complaints.myfda.in पोर्टल को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है क्योंकि शिकायत करने वाले अपनी शिकायतों का स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं, जबकि विभाग भी उनकी प्रगति की निगरानी कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस सिस्टम में ऑटो-जवाबदेही, ऑटो-असाइनमेंट और ऑटो-एस्केलेशन जैसी सुविधाएं हैं।
मुंडे ने आगे कहा, "पोर्टल पर 9,000 या उससे ज़्यादा शिकायतें मिली हैं। अब लगभग एक महीना हो गया है। 8,000 से ज़्यादा शिकायतों का समाधान हो चुका है और लगभग 700-800 पर काम चल रहा है।" सेलिब्रिटीज़ वाले विज्ञापनों के ख़िलाफ़ कार्रवाई का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि FDA की प्रतिक्रिया भ्रामक दावों (जिसमें सरोगेट विज्ञापन भी शामिल हैं) से जुड़े नियमों पर आधारित थी।
पान मसाला और तंबाकू से जुड़े प्रोडक्ट्स का ज़िक्र करते हुए FDA कमिश्नर ने कहा कि महाराष्ट्र में 2012 से गुटखा, पान मसाला और संबंधित तंबाकू आइटम पर प्रतिबंध का आदेश लागू है। उन्होंने कहा कि विमल प्रोडक्ट के विज्ञापन की जांच एक प्रतिबंधित प्रोडक्ट के संभावित सरोगेट विज्ञापन के तौर पर की जा रही है, क्योंकि कंपनी पहले गुटखा बेचती हुई भी पाई गई थी। उन्होंने कहा, "यह मामला 'फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स रेगुलेशन्स' (खाद्य सुरक्षा और मानक नियम) को लागू करने से जुड़ा है। इनमें से एक नियम विज्ञापनों और गुमराह करने वाले दावों के बारे में है।" उन्होंने बताया कि यह नियम 2018 में बना था और 1 जुलाई 2019 से लागू हुआ।
उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का प्रचार-हे वह फ़िज़िकल हो, इलेक्ट्रॉनिक हो, सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम से हो-जिसमें कोई ऐसा दावा किया गया हो या उसका संकेत दिया गया हो जो सच नहीं है, उसकी इजाज़त नहीं है। FDA कमिश्नर ने कहा, "जो विज्ञापनदाता इन नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उन्हें नोटिस भेजा जाएगा और उनसे पूछा जाएगा कि उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई क्यों न की जाए।"
किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा
मुंडे ने आगे कहा कि ये नियम उन सभी पर लागू होते हैं जो विज्ञापन और दावे बनाने, प्रकाशित करने या उन्हें प्रायोजित (स्पॉन्सर) करने में शामिल हैं। उन्होंने कहा, "इस पूरी चेन में शामिल हर व्यक्ति ज़िम्मेदार है। यह नियम सभी पर लागू होता है।" उन्होंने विज्ञापन से जुड़े लोगों से FSSAI के विज्ञापनों और दावों से संबंधित नियमों को पढ़ने का आग्रह किया।
तस्करी और ब्लैक मार्केटिंग के ज़रिए प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर उन्होंने कहा कि FDA FIR दर्ज कर रहा है, उत्पादों के स्रोत का पता लगा रहा है और कंपनियों व उनके निदेशकों से जुड़े लिंक की जांच कर रहा है। उन्होंने कहा, "चाहे ग्रामीण इलाका हो या शहरी, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। जो लोग बेचते हैं, जिनके पास ये उत्पाद हैं, जो इनकी प्रोसेसिंग करते हैं या जो इनका निर्माण करते हैं- यह नियम सभी पर लागू होता है।" उन्होंने यह भी कहा कि विभाग संगठित अपराध कानून (ऑर्गनाइज़्ड क्राइम लॉ) के प्रावधानों को लागू करने की भी कोशिश कर रहा है।
मुंडे ने कहा कि FDA तंबाकू से जुड़ी चीज़ों के अलावा अन्य उत्पादों के विज्ञापनों की भी जांच कर रहा है और जहां भी गुमराह करने वाले दावे या नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "कोई भी व्यक्ति जिस भी उत्पाद का प्रचार (एंडोर्स) कर रहा है, उसे विज्ञापन और दावों के बारे में FSSAI की गाइडलाइन्स और नियमों को देखना होगा। अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो हम उनके ख़िलाफ़ भी कार्रवाई करेंगे।" FDA कमिश्नर ने आगे कहा कि अभी कई उत्पादों की जांच-पड़ताल चल रही है।
कृत्रिम रंगों और एडिटिव्स (additives) के इस्तेमाल पर मुंधे ने कहा कि अगर बेकरी, केक, चाइनीज़ फ़ूड या अन्य उत्पादों में तय सीमा से ज़्यादा इन चीज़ों का इस्तेमाल किया जाता है, तो नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा।उन्होंने कहा, "एडिटिव्स से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा और हम उल्लंघन करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर रहे हैं, कुछ कार्रवाई शुरू भी हो चुकी है। आगे भी हम कार्रवाई करेंगे।"
जब उनसे पूछा गया कि क्या FDA की जांच-पड़ताल अन्य खाने-पीने की चीज़ों तक भी बढ़ेगी, तो मुंडे ने कहा कि विभाग की कार्रवाई एक योजना का हिस्सा है और उन्होंने पहले से विशिष्ट लक्ष्यों का खुलासा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "यह एक योजना का हिस्सा है। मैं अभी इसका खुलासा नहीं कर सकता और लोगों को यह नहीं बता सकता कि मैं किसी खास समय पर किसी खास व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई कर रहा हूं।" उन्होंने कहा कि नागरिक शाम 4 बजे से 5 बजे के तय समय के दौरान सीधे उनसे मिल सकते हैं या पोर्टल के ज़रिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं।