Edited By Sarita Thapa,Updated: 26 Apr, 2026 08:54 AM

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि देश में धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर रोक नहीं लगाई जा सकती। अदालत ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को अनुमति नहीं दी जा सकती।
बेंगलुरु (एजैंसियां): कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि देश में धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर रोक नहीं लगाई जा सकती। अदालत ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को अनुमति नहीं दी जा सकती। कर्नाटक हाई कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए सिटी कार्पोरेशन के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें मल्लेश्वरम ब्राह्मण सभा को अपने एक ऑडिटोरियम में शंकराचार्य जयंती मनाने की अनुमति देने से इंकार कर दिया गया था।
बेंगलुरु वेस्ट कॉर्पोरेशन ने कहा था कि ऑडिटोरियम का इस्तेमाल धार्मिक गतिविधियों के लिए नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह योग और उससे जुड़े कार्यक्रमों के लिए बनाया गया था। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि कॉर्पोरेशन ऐसे कोई दिशानिर्देश या नियम पेश नहीं कर पाया, जिनमें यह बताया गया हो कि ऑडिटोरियम का इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
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