Edited By Niyati Bhandari,Updated: 10 Sep, 2026 09:45 AM

Main entrance Vastu defects: घर के बाहर और सड़क के बीच खाली जगह पर बनी क्यारी और उसकी घर से कनेक्टिविटी गंभीर वास्तु दोष पैदा कर सकती है। जानें, अलग-अलग दिशाओं के अनुसार इसके प्रभाव और बचाव के आसान उपाय।
Vastu for a garden outside the house: कई बार देखने में आता है कि घर के बाहर, मुख्य द्वार और सड़क के बीच बची हुई जगह में तार की जाली की फेंसिंग करके एक छोटा गार्डन या प्लांटर बना दिया जाता है। सामान्यतः इस गार्डन में जाने के लिए अपनी कंपाउंड वॉल से ही रास्ता (कनेक्टिविटी) भी बना देते हैं।
घर से इस गार्डन में कनेक्टिविटी होने के कारण इस तरह की बनावट का घर के वास्तु पर गहरा प्रभाव पड़ता है। आइए जानते हैं कि अलग-अलग दिशाओं के घरों में इसका क्या प्रभाव होता है और इसके वास्तु नियम क्या हैं-

उत्तर मुखी: उत्तर मुखी घरों में यदि उत्तर-वायव्य दिशा में इस प्रकार की तार की जाली की क्यारी बना दी जाए, तो घर का उत्तर-वायव्य भाग आगे बढ़ जाता है और मुख्य द्वार पीछे रह जाता है, जिससे घर का उत्तर ईशान कोण कट जाता है। उत्तर ईशान का कटना या दबना घर के लिए एक बहुत बड़ा वास्तु दोष माना जाता है, जिससे सम्मान में कमी, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्या आती हैं।

पूर्व मुखी: यदि पूर्व मुखी घर में ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में मुख्य द्वार हो और उसके ठीक बगल में यानी पूर्व-आग्नेय की तरफ पौधे लगाने के लिए तार की जाली की क्यारी बना दी जाए, तो यह भाग आगे बढ़ जाता है और मुख्य द्वार पीछे रह जाता है, जिससे घर का पूर्व ईशान कोण कट जाता है। इस तरह पूर्व आग्नेय का बढ़ना और पूर्व ईशान का कटना या दबना घर के लिए एक बहुत बड़ा वास्तु दोष माना जाता है, इस कारण में विवाद और कलह रहती है तथा घर के मुखिया और बड़े बेटे की तरक्की में बाधा आती है।
उपाय: उत्तर और पूर्व दिशा में इस गार्डन में अंदर से कनेक्टिविटी न देते हुए, मुख्य द्वार से बाहर आकर इसका उपयोग किया जाए, तो फिर कोई वास्तु दोष नहीं आता है।

दक्षिण मुखी: दक्षिण मुखी घरों में इस प्रकार की तार की जाली की क्यारी बनाते हैं तो इस कारण घर का दक्षिण नैऋत्य बढ़ जायेगा जोकि महत्वपूर्ण वास्तुदोष होगा। इसी के साथ यदि बाहरी हिस्से का तल घर के अंदर के फ्लोर लेवल से नीचा रहता है, तो घर की महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आती हैं और आर्थिक स्थिति खराब होती है।

पश्चिम मुखी: पश्चिम मुखी घरों में इस प्रकार की तार की जाली की क्यारी बनाते हैं तो पश्चिम नैऋत्य बढ़ जाता है साथ ही यदि बाहरी हिस्से का तल घर के अंदर के फ्लोर लेवल से नीचा रहता है, तो घर के पुरुषों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आती हैं और परिवार में धार्मिकता बढ़ती है।

उपाय: दक्षिण और पश्चिम मुखी घरों में इस गार्डन का फ्लोर लेवल हमेशा मुख्य घर के फ्लोर लेवल के बराबर रखना चाहिए। बेहतर यह होगा कि इस गार्डन में अंदर से कनेक्टिविटी न देते हुए मुख्य द्वार से बाहर आकर इसका उपयोग किया जाए, ऐसा करने से किसी भी प्रकार का वास्तु दोष उत्पन्न नहीं होगा।
वास्तु गुरु कुलदीप सलूजा
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