IOEMS की पहल: योग्य युवाओं को स्कूलों में कौशल शिक्षा से जोड़ने की तैयारी, 10 राज्यों में प्रस्तावित कार्यक्रम

Edited By Updated: 01 Aug, 2026 07:32 PM

ioems initiative plans to connect eligible youth with skill education in school

तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त युवाओं को व्यावहारिक अनुभव दिलाने तथा विद्यार्थियों तक कौशल आधारित शिक्षा पहुंचाने के उद्देश्य से इंडियन आउटसोर्सिंग एम्प्लॉयमेंट मैनेजमेंट सर्विसेज (IOEMS) ने "कौशल शिक्षा स्वयंसेवक-सह-अधिगम सहयोगी सहभागिता...

नेशनल डेस्क : तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त युवाओं को व्यावहारिक अनुभव दिलाने तथा विद्यार्थियों तक कौशल आधारित शिक्षा पहुंचाने के उद्देश्य से इंडियन आउटसोर्सिंग एम्प्लॉयमेंट मैनेजमेंट सर्विसेज (IOEMS) ने "कौशल शिक्षा स्वयंसेवक-सह-अधिगम सहयोगी सहभागिता कार्यक्रम" प्रस्तावित किया है। संगठन के अनुसार इस पहल के तहत प्रशिक्षण प्राप्त योग्य युवाओं को 10 राज्यों के सहभागी CBSE-संबद्ध विद्यालयों में गतिविधि-आधारित एवं व्यावसायिक शिक्षा में सहयोग के लिए तैयार किया जाएगा।

प्रस्तावित कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण देना ही नहीं, बल्कि उन्हें व्यावहारिक अनुभव, संवाद कौशल और रोजगारोन्मुख अवसरों से जोड़ना भी है। वहीं विद्यार्थियों को ऐसे व्यावहारिक विषयों की जानकारी देने का प्रयास किया जाएगा, जो भविष्य में रोजगार, उच्च शिक्षा और उद्यमिता के क्षेत्र में उपयोगी साबित हो सकते हैं।

प्रशिक्षण के साथ व्यावहारिक अनुभव

IOEMS का कहना है कि डिप्लोमा या तकनीकी प्रमाणपत्र किसी उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता तो दर्शाते हैं, लेकिन व्यावसायिक अनुभव और आत्मविश्वास के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण भी आवश्यक होता है। इसी उद्देश्य से संगठन प्रशिक्षण, परियोजना-आधारित कार्य और रोजगार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करने की योजना बना रहा है।

संगठन ने इससे पहले अन्नदाता किसान पंजीकरण कार्ड कार्यक्रम और डिजिटल टिकट-बुकिंग एजेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम जैसी पहलें भी शुरू की थीं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को डिजिटल दस्तावेजीकरण, जनसंपर्क, ग्राहक सेवा, रिकॉर्ड प्रबंधन और क्षेत्रीय समन्वय जैसे कार्यों का अनुभव देने का प्रयास किया गया।

हालांकि संगठन ने स्पष्ट किया है कि रेलवे टिकटिंग संबंधी किसी भी प्रकार की अधिकृत नियुक्ति केवल संबंधित अधिकृत सेवा प्रदाता द्वारा ही की जाएगी। प्रशिक्षण प्राप्त करने मात्र से किसी व्यक्ति को रेलवे या IRCTC का अधिकृत एजेंट नहीं माना जाएगा।

स्कूलों में कौशल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत तकनीकी, व्यावसायिक और पेशेवर विषयों में योग्य उम्मीदवारों को कक्षा संचालन, गतिविधि-आधारित शिक्षण, परियोजना पर्यवेक्षण, विद्यार्थी सहभागिता और सुरक्षा प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया जा सकता है।

प्रशिक्षण, दस्तावेज सत्यापन और मूल्यांकन सफलतापूर्वक पूरा करने वाले उम्मीदवारों को विद्यालयों की आवश्यकता और अधिकृत नियुक्तिकर्ता संगठन की स्वीकृति के आधार पर कौशल शिक्षा स्वयंसेवक-सह-अधिगम सहयोगी के रूप में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।
ऐसे सहयोगी कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को प्रयोगशाला गतिविधियों, कार्यशालाओं, प्रोजेक्ट कार्य और करियर जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से व्यावहारिक शिक्षा उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगे।

इन राज्यों में प्रस्तावित है कार्यक्रम

IOEMS के अनुसार कार्यक्रम फिलहाल पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी राज्य में कार्यक्रम का संचालन सहभागी विद्यालयों की उपलब्धता, विषयवार आवश्यकता, रिक्त पदों और अधिकृत कार्यान्वयन संस्था की स्वीकृति पर निर्भर करेगा।

साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि "CBSE-संबद्ध विद्यालय" शब्द केवल विद्यालयों की संबद्धता को दर्शाता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि भर्ती प्रक्रिया CBSE द्वारा आयोजित, अनुमोदित या संचालित की जा रही है।

कई क्षेत्रों के विशेषज्ञों को मिल सकता है अवसर

प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत विद्यालयों की आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सूचना प्रौद्योगिकी, सॉफ्टवेयर कोडिंग, डेटा साइंस, डिजिटल मार्केटिंग, जनसंचार, वित्तीय साक्षरता, बैंकिंग, कृषि, स्वास्थ्य सेवा, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी, रिटेल, पर्यटन, वेब डेवलपमेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्यूटी एवं वेलनेस, हस्तशिल्प, ऑटोमोबाइल, रेफ्रिजरेशन और एयर-कंडीशनिंग सहित विभिन्न व्यावसायिक विषयों के प्रशिक्षकों को अवसर मिल सकता है।

न्यूनतम योग्यता

आवेदकों के लिए किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं उत्तीर्ण होना तथा संबंधित विषय या ट्रेड में किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से डिप्लोमा होना आवश्यक बताया गया है। संबंधित क्षेत्र में डिग्री, उद्योग अनुभव या पूर्व शिक्षण अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को आवश्यकता के अनुसार प्राथमिकता दी जा सकती है।

हालांकि संगठन ने स्पष्ट किया है कि न्यूनतम योग्यता पूरी करने से चयन सुनिश्चित नहीं होगा। चयन प्रक्रिया उपलब्ध रिक्तियों, दस्तावेज सत्यापन, मूल्यांकन, साक्षात्कार, प्रशिक्षण की सफल पूर्णता और संस्थागत स्वीकृति पर निर्भर करेगी।

उम्मीदवारों को दी गई सलाह

IOEMS ने कहा है कि वह मुख्य रूप से रोजगार-सूचना और आवेदन-सुविधा मंच के रूप में कार्य करता है। यह कोई सरकारी भर्ती एजेंसी, CBSE भर्ती प्राधिकरण या प्रत्यक्ष सरकारी नियोक्ता नहीं है। संगठन ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि आवेदन या किसी प्रकार का भुगतान करने से पहले संबंधित राज्य की आधिकारिक अधिसूचना, सहभागी विद्यालयों की सूची, रिक्त पदों, चयन प्रक्रिया, प्रशिक्षण, मानदेय, सेवा-शर्तों और अधिकृत नियुक्तिकर्ता संगठन की जानकारी का स्वतंत्र रूप से सत्यापन अवश्य करें। इसके अलावा अभ्यर्थियों को अनधिकृत एजेंटों, व्यक्तिगत बैंक खातों में भुगतान की मांग और सोशल मीडिया पर प्रसारित अप्रमाणित सूचनाओं से सावधान रहने की भी सलाह दी गई है।

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