Edited By Prachi Sharma,Updated: 03 Sep, 2026 02:02 PM

Gaurang Vyas : गुजरात के जाने-माने संगीतकार और गायक गौरंग व्यास का 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने गुजराती संगीत को समृद्ध करने और राज्य की संगीत परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने अहमदाबाद में...
Gaurang Vyas : गुजरात के जाने-माने संगीतकार और गायक गौरंग व्यास का 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने गुजराती संगीत को समृद्ध करने और राज्य की संगीत परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने अहमदाबाद में कल देर रात अंतिम सांस ली।
गौरंग व्यास मशहूर गुजराती संगीतकार और कंपोजर अविनाश व्यास के बेटे थे। अविनाश व्यास ने गुजराती फिल्मों और संगीत की दुनिया में अपनी खास पहचान बनाई थी। पिता की संगीत विरासत से प्रेणना लेते हुए गौरंग व्यास ने भी इसी क्षेत्र में कदम रखा और अपनी प्रतिभा के दम पर गुजराती संगीत इंडस्ट्री में अलग मुकाम हासिल किया। उनके निधन से गुजराती संगीत जगत में शोक की लहर है।
पी.एम मोदी ने भी पोस्ट कर जताया दुःख
इतना ही नहीं पीएम मोदी ने गौरंग व्यास के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनके जाने से गुजराती जगत को बड़ी क्षति हुई है। उन्होंने बताया कि गौरंग व्यास ने अपने पिता और प्रसिद्ध संगीतकार अविनाश व्यास की संगीत विरासत को आगे बढ़ाते हुए गुजराती संगीत के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके निधन से गुजरात ने एक प्रतिभाशाली कलाकार और रचनाकार खो दिया है। गुजराती संगीत में गौरंग व्यास के योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
गौरंग व्यास का करियर और गाने
गौरांग व्यास ने अपने लंबे संगीत सफर के दौरान कई लोकप्रिय गीतों को आवाज देने के साथ-साथ उनकी रचना भी की थी। उन्होंने आशा भोसले, अलका याग्निक और उषा मंगेशकर जैसे दिग्गज गायकों के साथ भी काम किया।
उनके चर्चित गीतों की सूची में आज वागदावो रुदा सरनायु ने ढोल', 'मुने एकली मेलिन' और 'गोल ना रामकड़ा' जैसे गाने शामिल हैं। इसके अलावा 'ढोलिडा ढोल तू एवोरे वागड़', 'चंदो उग्यो चौकमा', 'एनी जरियाल मोजादिये' और 'अनी तदिमा कंकु वेरा' समेत उनके कई गीत दर्शकों के बीच लोकप्रिय रहे हैं।