Edited By Prachi Sharma,Updated: 05 Oct, 2026 05:50 PM

Kiran Rao Statement on Relationships : फिल्ममेकर किरण राव ने बताया कि पिछली पीढ़ी की तुलना में आज के युवा रोमांटिक रिश्तों को किस नजरिए से देखते हैं। 'लस्ट स्टोरीज 3' के प्रमोशन के दौरान IANS से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी में बेझिझक...
Kiran Rao Statement on Relationships : फिल्ममेकर किरण राव ने बताया कि पिछली पीढ़ी की तुलना में आज के युवा रोमांटिक रिश्तों को किस नजरिए से देखते हैं। 'लस्ट स्टोरीज 3' के प्रमोशन के दौरान IANS से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी में बेझिझक होने की भावना है।
उनसे पूछा गया, "और किरण मैम, आपकी कहानी में वे युवा पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं जो बहुत... मुझे नहीं पता कि मैं यह शब्द इस्तेमाल कर सकती हूं या नहीं... वे प्यार के रिश्तों को लेकर थोड़े 'फ्रिवोलस' (हल्के-फुल्के/गंभीर न होने वाले) हैं। आप उन्हें कैसे देखती हैं ? और आप उनके रिश्ते को कैसे दिखाती हैं? जब आप इसे एक डायरेक्टर और एक आम इंसान के नजरिए से देखती हैं। लापता लेडीज की डायरेक्टर ने कहा कि इसके लिए 'फ्रिवोलस' के बजाय 'आजाद' शब्द का इस्तेमाल करना बेहतर होगा।
किरण ने आगे कहा कि पहले लोगों से एक खास तरह के रिश्ते में रहने की उम्मीद की जाती थी, लेकिन आज ऐसा नहीं है।

उन्होंने IANS से कहा, "मुझे लगता है कि आज़ादी का एहसास है। मेरी पीढ़ी की तुलना में युवा पीढ़ी में बेझिझक होने की भावना है। मेरा मतलब है, दुनिया बदल गई है और खुद को जाहिर करने के तरीके भी बहुत अलग हैं और हम इसी को एक्सप्लोर करना चाहते थे। दो युवा, जो किसी बंधन में नहीं हैं और एक-दूसरे की ओर आकर्षित हैं। इसके बाद क्या होगा ? और जब वे कुछ फैसले लेते हैं तो क्या-क्या अनपेक्षित चीज़ें होती हैं। मुझे लगता है कि इसमें मजा है।
क्योंकि मेरे समय में उम्मीद की जाती थी कि आप किसी व्यक्ति के साथ सिर्फ़ एक खास तरह का रिश्ता रखेंगे। शारीरिक संबंध, या फिर अरेंज मैरिज के बाद किसी व्यक्ति से भावनात्मक रूप से जुड़ना, अब ऐसा नहीं है।
रिश्तों में आए बदलावों के बारे में बात करते हुए फिल्ममेकर ने कहा, "लोग शादी किए बिना भी गहरे, मज़बूत, भावनात्मक और शारीरिक रूप से संतुष्टि देने वाले रिश्ते बनाते हैं। आज की दुनिया ऐसी ही है। हमने इसी दुनिया को ध्यान में रखकर यह कहानी बनाई है। और मुझे लगता है कि हम कुछ ऐसा दिखाना चाहते थे जो आज की नई पीढ़ी के लोगों में मौजूद ताजगी और आजादी को दर्शाए।