Edited By Prachi Sharma,Updated: 21 Oct, 2026 11:15 AM

Tiger Shroff Firing Update : बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार से जुड़ी फायरिंग की घटना की जांच में एक नया मोड़ आया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर हथियार सप्लाई करने और हमलावरों को भागने में मदद करने का आरोप...
Tiger Shroff Firing Update : बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार से जुड़ी फायरिंग की घटना की जांच में एक नया मोड़ आया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर हथियार सप्लाई करने और हमलावरों को भागने में मदद करने का आरोप है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (NDR यूनिट) ने 20 अक्टूबर को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले कुणाल (21) और सुमित (19) के रूप में हुई है। इनके साथ उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली राधा (23) और आजमगढ़ की रहने वाली बबीता (23) को भी पकड़ा गया है।
जांच में इस बात पर गौर किया जा रहा है कि कैसे अमृतसर से मुंबई तक पिस्तौल और कारतूस पहुंचाए गए, हथियार पहुंचाने में बिचौलियों की क्या भूमिका थी, और घटना के बाद हमलावरों को शहर से बाहर निकालने में किस तरह की मदद दी गई।
पुलिस के अनुसार, जांचकर्ता हथियार लाने-ले जाने में इन चारों की कथित भूमिका की जांच कर रहे हैं। कुणाल हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आया था। बताया जा रहा है कि वह एक दोस्त के जरिए अनिल पंडित से मिला था। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इसके बाद दोनों एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए बातचीत करने लगे।
पुलिस का आरोप है कि अनिल पंडित के कहने पर कुणाल अमृतसर से एक पिस्तौल और 20 कारतूस लेकर आया था। इस सफर में सुमित भी उसके साथ था।
पुलिस के अनुसार, घटना से करीब दो महीने पहले कुणाल की मुलाकात राधा से हुई थी। उसने राधा को अपने कामों के बारे में बताया और उसे हथियार लेकर मुंबई जाने के लिए राजी कर लिया।
15 अक्टूबर को कुणाल, राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन ले गया। बताया जा रहा है कि पिस्तौल राधा के बैग में रखी गई थी। 17 अक्टूबर को राधा और बबीता दादर पहुंचीं और एक होटल में रुक गईं। उसी दिन सुबह करीब 11 बजे, एक नाबालिग लड़का होटल के पास राधा से वह बैग ले गया। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इसके बाद बैग किसे मिला और फायरिंग की घटना में उस हथियार का इस्तेमाल कैसे किया गया। गोलीबारी की घटना 18 अक्टूबर की शाम को हुई। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इसके बाद अनिल पंडित ने कुणाल को बताया कि हमलावर मुंबई में फंसे हुए हैं और कथित तौर पर उनसे उनके वहां से निकलने का इंतजाम करने को कहा।
उसी दिन, राधा और बबीता कथित तौर पर हरिद्वार एक्सप्रेस से दादर से दिल्ली के लिए रवाना हुईं। इन महिलाओं को 20 अक्टूबर को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पकड़ लिया गया, जबकि कुणाल और सुमित को सोनीपत में हिरासत में लिया गया।
गोलीबारी की घटना के बाद, आरोपी कथित तौर पर गुजरात के सूरत भाग गए, जहां से वे जयपुर जाने वाली ट्रेन में सवार हुए। उनकी योजना कथित तौर पर बस से नई दिल्ली आने और फिर वहां से नेपाल भागने की थी। मुंबई पुलिस ने इस मामले के सिलसिले में राजस्थान के कोटा से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।