जब स्कूल बंद तो क्यों लिया जा रहा पी.टी.ए. फंड

Edited By Updated: 22 Jul, 2021 12:34 PM

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जब परीक्षाएं ही नहीं हुई तो क्यों फेल कर दिए दोनों बच्चे फेल, अभिभावक महिला का दर्द

ऊना(मनोहर): जब स्कूल बंद हैं तो फिर स्कूलों में दाखिले के नाम पर पी.टी.ए. फंड क्यों लिया जा रहा है। कई बच्चों और उनके अभिभावकों ने सरकारी स्कूलों में पी.टी.ए. के नाम पर लिए जा रहे फंडस पर सवाल उठाए हैं। ऐसे समय में जबकि कोरोना के चलते नियमित कक्षाएं नहीं लग रही, कोई पी.टी.ए. बैठकें नहीं हो रही तो आखिर यह फंडस क्यों एकत्रित किए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग ने पहले ही स्कूलों से पी.टी.ए. या दूसरे प्रकार के फंडस न लेने की हिदायतें भी दी हैं। केवल दाखिला फीस और तयशुदा मापदंडों के आधार पर ही शुल्क लिए जा सकते हैं। कोरोना काल में पहले ही सरकारी स्कूलों में शिक्षारत बच्चे परेशान हैं और ऊपर से उनके अभिभावकों से यह राशि लेना कहां तक उचित है इसको लेकर चर्चाएं चल रही हैं।

कई अभिभावकों ने पी.टी.ए. फंड के साथ-साथ स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित किए गए परीक्षा परिणाम पर भी आपत्ति जताई है। एक महिला अभिभावक का कहना है कि उसके दोनों बच्चों को बिना परीक्षा लिए ही फेल कर दिया गया है। एक बच्चा 9वीं कक्षा में तो दूसरा बच्चा 10वीं में फेल कर दिया गया है। महिला का कहना है कि आर्थिक रूप से वह पहले ही काफी कमजोर हैं। बच्चों को पढ़ाने के लिए फोन तक नहीं हैं। घर बैठकर बच्चों ने खूब मेहनत की। दूसरों का फोन लेकर ऑनलाइन पढ़ाई भी की, परीक्षा हुई नहीं तो फिर इन्हें फेल क्यों बताया गया है। अब पुन: दाखिले के नाम पर राशि ली जा रही है।

शिक्षा विभाग के मुताबिक सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के कल्याण के लिए पी.टी.ए. फंड लिए जाते हैं। इस फंड को स्कूल में अध्ययनरत विद्यार्थियों की जरूरतों पर खर्च कर किया जाता है। यदि कोई विद्यार्थी पाठन सामग्री लेने में असमर्थ है, सर्दियों में शूज नहीं ले सकता तो इस फंड से उन्हें तुरंत यह उपलब्ध करवाया जाता है। इसके अलावा स्कूल की रिपेयर आदि सहित अनेक कार्यों पर इस फंड को खर्चा जाता है।

शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक देवेन्द्र चंदेल ने कहा कि पी.टी.ए. फंड लेने का मामला स्कूल मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में लिया जाता है। यदि किसी स्कूल द्वारा अपनी मर्जी से पी.टी.ए. फंड लिए जा रहे हैं तो अभिभावक इसकी शिकायत कर सकते हैं। ऐसे स्कूल के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

शिक्षा उपनिदेशक सैकेंडरी का कार्यभार संभाले अधीक्षक गे्रड-एक मंगत राम बनियाल ने कहा कि पी.टी.ए.फंड लेना या नहीं लेना यह एस.एम.सी. में तय होता है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्कूल द्वारा ऐसे फंड लेने की शिकायत नहीं आई है। यदि शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चे कैसे फेल किए गए हैं वह इस बारे में स्कूल से रिपोर्ट लेंगे।

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