ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन पड़ा भारी, शादी के 24 घंटे बाद ही 25 वर्षीय युवक फांसी पर लटकाया

Edited By Updated: 06 Oct, 2026 12:29 PM

iran executes alireza sepahi  arrested over january 2026 protests

ईरान में 25 वर्षीय अलीरेजा सेपाही को सरकार विरोधी प्रदर्शनों के मामले में फांसी दे दी गई। मौत से ठीक एक दिन पहले उन्होंने जेल से फोन पर 22 वर्षीय मंगेतर महशाद केशानी से शादी की। मानवाधिकार संगठनों ने मामले में कथित यातना, जबरन कबूलनामे और कानूनी...

Tehran: ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल होने के आरोप में 25 वर्षीय अलीरेजा सेपाही को सोमवार सुबह फांसी दे दी गई। मौत की सजा पाए अलीरेजा ने फांसी से ठीक एक दिन पहले जेल के भीतर से अपनी 22 वर्षीय मंगेतर महशाद केशानी से फोन पर विवाह की रस्म पूरी की थी। महशाद खुद जेल में पांच साल की सजा काट रही हैं। दोनों की शादी के अगले ही दिन अलीरेजा को फांसी दे दी गई। अलीरेजा की वकील शहरजाद शाहबाजी ने उनकी फांसी की पुष्टि की है।
अलीरेजा और महशाद की सगाई पहले ही हो चुकी थी। अलीरेजा को फांसी से ठीक एक दिन पहले अपनी मंगेतर से आमने-सामने मिलने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद जेल के भीतर से फोन पर दोनों की शादी की रस्म पूरी कराई गई। मानवाधिकार वकील अमीरसलार दाऊदी ने इस रस्म को संपन्न कराया। उस समय महशाद भी जेल में थीं और पांच साल की सजा काट रही थीं। इस तरह दोनों ने अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करने की रस्म तो पूरी की, लेकिन अगले ही दिन अलीरेजा को फांसी दे दी गई।

 

जनवरी के प्रदर्शनों में हुई थी गिरफ्तारी
साल 2001 में जन्मे अलीरेजा सेपाही को 10 जनवरी 2026 को देशभर में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था। उन्हें इस्फहान के ‘अलीखानी स्क्वॉयर’ मामले में आरोपी बनाया गया था। इस मामले में अलीरेजा समेत 15 लोगों को मौत की सजा सुनाई गई थी। अलीरेजा पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल होने से जुड़े आरोप लगाए गए थे। ईरानी अधिकारियों ने उन्हें दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी, लेकिन उनके मामले में न्यायिक प्रक्रिया को लेकर मानवाधिकार संगठनों ने गंभीर सवाल उठाए। अलीरेजा के मामले में ईरान के सुप्रीम कोर्ट ने पहले उनकी न्यायिक समीक्षा की याचिका स्वीकार कर ली थी। इसके बाद मामले को दोबारा सुनवाई के लिए दूसरी पीठ के पास भेजा गया। मानवाधिकार संगठन एचआरएएनए के मुताबिक, नई पीठ ने मामले की सुनवाई किए बिना ही याचिका खारिज कर दी और अलीरेजा को फांसी की प्रक्रिया के लिए भेज दिया। मानवाधिकार समूहों ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान अलीरेजा को कथित तौर पर यातना दी गई और उनसे जबरन कबूलनामा कराया गया। संगठनों ने उनके मामले में कानूनी प्रक्रिया के पालन पर भी सवाल उठाए।

 

जुलाई में भी टल चुकी थी फांसी
अलीरेजा को इससे पहले 28 जुलाई को फांसी दी जानी थी, लेकिन फांसी से कुछ समय पहले उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया और फांसी टाल दी गई। बाद में उन्हें दोबारा मौत की सजा के लिए जेल में रखा गया। फांसी से एक दिन पहले रविवार को उन्हें इस्फहान की दस्तगर्द जेल में एकांत कारावास में भेज दिया गया। इसी दौरान उनके परिवार को आखिरी मुलाकात के लिए बुलाया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक, अलीरेजा के परिवार ने उनके शव को उनके गृहनगर इस्फहान में दफनाने की मांग की थी। लेकिन ईरानी अधिकारियों ने कथित तौर पर शव इस्फहान में दफनाने की अनुमति नहीं दी।इजराइली चैनल एन12 की रिपोर्ट के अनुसार, परिवार से काशान जाने के लिए कहा गया। इस घटनाक्रम को लेकर भी परिवार और मानवाधिकार समूहों में नाराजगी बताई गई है। 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!