छाते का है आत्मा से गहरा कनेक्शन, जानिए क्यों अंतिम संस्कार दौरान साथ लेकर चलते लोग ?

Edited By Updated: 06 Jul, 2026 03:10 PM

umbrella is connected to soul here s why people carry it during funerals

विदेशों, खासकर चीन और ब्रिटेन में अंतिम संस्कार के दौरान छाता ले जाने की परंपरा के पीछे अलग-अलग कारण हैं। चीन में यह आत्मा और पारंपरिक मान्यताओं से जुड़ा माना जाता है, जबकि ब्रिटेन में इसका संबंध मुख्य रूप से मौसम और व्यावहारिक जरूरत से है, न कि...

International Desk: छाता आमतौर पर धूप और बारिश से बचने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन दुनिया के कुछ देशों में यह अंतिम संस्कार की परंपराओं का भी हिस्सा है। हालांकि इसके पीछे के कारण हर देश में अलग-अलग हैं। कहीं यह धार्मिक या सांस्कृतिक मान्यता से जुड़ा है, तो कहीं केवल मौसम और व्यावहारिक जरूरत से।

 

छाता और आत्मा से जुड़ी पारंपरिक मान्यताएं
China की कुछ पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार छाता केवल बारिश से बचाने वाला साधन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक प्रतीक भी माना जाता है। कुछ लोकविश्वासों में कहा जाता है कि गीली छतरी 'यिन ऊर्जा' (Yin Energy) को आकर्षित करती है, जिसे पारंपरिक चीनी दर्शन में अंधकार, शांति और आध्यात्मिक दुनिया से जोड़ा जाता है। इसी कारण कुछ लोग घर के भीतर खुली या गीली छतरी रखने से बचते हैं। कुछ पारंपरिक चीनी अंत्येष्टि संस्कारों में मृतक की तस्वीर या ताबूत के ऊपर काली छतरी रखी जाती है। लोक मान्यता है कि यह मृतक की आत्मा को सूर्य की तेज रोशनी से बचाती है और उसकी अंतिम यात्रा को शांतिपूर्ण बनाती है।

 

छाता उपहार देना माना जाता अशुभ?
हालांकि,  ये मान्यताएं चीन के सभी लोगों या सभी समुदायों में समान रूप से प्रचलित नहीं हैं। यह मुख्य रूप से कुछ क्षेत्रों और पारंपरिक लोकविश्वासों तक सीमित है।चीनी भाषा में छाता (Umbrella) के लिए प्रयुक्त शब्द "San (伞)" का उच्चारण उस शब्द से मिलता-जुलता है जिसका अर्थ "बिछड़ना" या "अलग होना" होता है। इसी कारण कई लोग मानते हैं कि किसी प्रिय व्यक्ति को छाता उपहार में देना रिश्ते में दूरी या अलगाव का प्रतीक हो सकता है। यह एक सांस्कृतिक मान्यता है, न कि कोई धार्मिक नियम।

 

ब्रिटेन में वजह पूरी तरह व्यावहारिक
United Kingdom में अंतिम संस्कार के दौरान काला छाता लेकर जाना किसी आत्मा या अंधविश्वास से नहीं जुड़ा है। ब्रिटेन का मौसम बेहद अनिश्चित माना जाता है और वहां अचानक बारिश होना आम बात है। इसलिए लोग अंतिम संस्कार में छाता साथ रखते हैं ताकि बारिश होने पर श्रद्धांजलि समारोह बाधित न हो और लोग सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दे सकें। समय के साथ यह व्यावहारिक आदत एक सामाजिक परंपरा बन गई। काला छाता शोक समारोह की गरिमा और औपचारिकता का भी प्रतीक माना जाने लगा।

 
अब तक ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है कि छाते का आत्मा, भूत-प्रेत या किसी अलौकिक शक्ति से संबंध होता है। चीन में इससे जुड़ी मान्यताएं सांस्कृतिक और लोकविश्वासों पर आधारित हैं, जबकि ब्रिटेन में अंतिम संस्कार के दौरान छाता साथ रखना मौसम से जुड़ी एक व्यावहारिक परंपरा है। इसलिए यदि आप विदेशी फिल्मों में अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को छाता लिए देखते हैं, तो उसके पीछे हर देश की अपनी अलग सांस्कृतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि होती है।

  

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