Ashadh Kalashtami 2026: आषाढ़ कालाष्टमी पर काल भैरव को करना है प्रसन्न, तो नोट कर लें शुभ मुहूर्त और पूजन विधि, भूलकर भी न करें ये गलतियां

Edited By Updated: 06 Jul, 2026 02:53 PM

ashadh kalashtami 2026

Ashadh Kalashtami 2026: जानें, साल 2026 में आषाढ़ मास की कालाष्टमी कब है। भगवान काल भैरव की कृपा पाने के लिए शुभ मुहूर्त, सटीक पूजा विधि और इस दिन बरती जाने वाली सावधानियों की विस्तृत जानकारी।

Ashadh Kalashtami 2026: हिंदू धर्म में कालाष्टमी व्रत का विशेष आध्यात्मिक महत्व है, जो प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान शिव के रौद्र स्वरूप, भगवान काल भैरव की उपासना के लिए समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन पूरी श्रद्धा से पूजन करने से जीवन की नकारात्मक ऊर्जा, भय और ग्रह दोषों का नाश होता है। इस वर्ष आषाढ़ मास की कालाष्टमी का व्रत जुलाई माह में रखा जाएगा।

PunjabKesari Ashadh Kalashtami 2026

Kalashtami 2026 Date & Muhurat  कालाष्टमी शुभ मुहूर्त और तिथि
पंचांग गणना के अनुसार, आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ 7 जुलाई 2026 को दोपहर 1:24 बजे होगा और इसका समापन अगले दिन 8 जुलाई 2026 को दोपहर 12:21 बजे होगा। उदयातिथि और धार्मिक परंपराओं को देखते हुए, मासिक कालाष्टमी का व्रत 7 जुलाई 2026, मंगलवार को रखा जाएगा।

PunjabKesari Ashadh Kalashtami 2026

Kalashtami Puja Vidhi कैसे करें काल भैरव की पूजा? 
सुबह शीघ्र उठकर स्नानादि कार्यों से निवृत होकर कालभैरव की फूल, माला और दीपक प्रज्वलित करके पूजा करें। इसके साथ भैरव बाबा के इस मंत्र का जप करें। ऐसा करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिल जाएगी। 

ऊं भ्रं काल भैरवाय फट
ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नम:
ॐ भयहरणं च भैरव:  

इसके अतिरिक्त शत्रुओं से मुक्ति हेतु इस मंत्र का जप करें।

ऊं ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरूकुरू बटुकाय ह्रीं।

शाम को संध्या के समय घर की उत्तर-पश्चिम दिशा में गुलाबी रंग के कपड़े पर भैरव बाबा का चित्र स्थापित करके विधिवत पूजन करें। सुगंधित तेल का दीप करें, गुलाब की अगरबत्ती से धूप करें, गुलाबी फूल, अबीर, इत्र चढ़ाएं। मीठे चावल बनाकर उसका भोग लगाएं। कुत्ता भैरव की सवारी है इसलिए पूजा के बाद भोग सबसे पहले काले कुत्ते को खिलाएं।

कालाष्टमी के दिन बरतें ये सावधानियां
तामसिक भोजन, मांस, मदिरा अथवा किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें।
किसी का अपमान करने, झूठ बोलने या क्रोध करने से बचें।
भैरव बाबा की सवारी कुत्ता है। उसे किसी भी तरह से कष्ट न पहुंचाए।
भैरव बाबा के मंदिर से आते हुए वापसी पर अपनी सामर्थ्य अनुसार जरूरतमंदों को दान दें।

PunjabKesari Ashadh Kalashtami 2026

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

 

 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!