Edited By Sanjeev,Updated: 21 Oct, 2026 02:54 PM

मुंबई के इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (ICT) में केमिकल इंजीनियरिंग के दूसरे वर्ष के 19 वर्षीय छात्र ने माटुंगा स्थित अपने हॉस्टल के कमरे में आत्महत्या कर ली। छात्र की पहचान नासिक निवासी सिद्धेश पाटिल के रूप में हुई है, जो ICT कॉलेज के हॉस्टल में...
मुंबई : मुंबई के इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (ICT) में केमिकल इंजीनियरिंग के दूसरे वर्ष के 19 वर्षीय छात्र ने माटुंगा स्थित अपने हॉस्टल के कमरे में आत्महत्या कर ली। छात्र की पहचान नासिक निवासी सिद्धेश पाटिल के रूप में हुई है, जो ICT कॉलेज के हॉस्टल में रहता था। शुरुआती जानकारी के अनुसार यह घटना रात करीब 10:30 बजे हुई, जब उसने अपने कमरे में छत के पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी।
मुंबई पुलिस ने 'एक्सीडेंटल डेथ' (AD) का मामला दर्ज किया है और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है। मामले से जुड़ी जानकारी के अनुसार पाटिल पिछले कुछ दिनों से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहा था और उसका इलाज चल रहा था। घटना वाले दिन (मंगलवार) उसने अपने डॉक्टर को एक मैसेज भेजकर अपनी मानसिक परेशानी के बारे में बताया। मैसेज मिलने के बाद डॉक्टर ने तुरंत छात्र के परिवार को सूचित किया।
इसके बाद परिवार ने हॉस्टल में पाटिल के दोस्तों से संपर्क किया और उनसे तुरंत उसके कमरे में जाकर उसका हाल जानने को कहा। हालांकि, जब तक उसके दोस्त वहां पहुंचे, तब तक वह आत्महत्या कर चुका था। माटुंगा पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटनाक्रम का पता लगाने के लिए जानकारी जुटा रही है। जांच जारी है और आगे की जानकारी का इंतजार है। इस घटना ने अपने परिवारों से दूर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य की ओर ध्यान खींचा है। यह इस बात पर भी जोर देता है कि जब छात्र मानसिक परेशानी से गुजर रहे हों, तो उन्हें आसानी से मानसिक स्वास्थ्य सहायता मिलनी चाहिए और समय रहते उचित कदम उठाए जाने चाहिए।
इससे पहले सितंबर में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) बॉम्बे के दूसरे वर्ष के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली थी। उसे परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था, जिसके बाद संस्थान के पवई कैंपस में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। पिछले छह महीनों में IIT-पवई कैंपस में आत्महत्या की यह तीसरी घटना है। मृतक छात्र की पहचान साहिल वाकोडे के रूप में हुई है, जो एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में दूसरे वर्ष का छात्र था। संस्थान के अनुसार परीक्षा के दौरान वाकोडे ने उत्तर पाने की कोशिश में परीक्षा का प्रश्न-पत्र चैटजीपीटी (ChatGPT) पर अपलोड कर दिया था।
IIT-बॉम्बे ने बताया कि इस घटना के बाद उसके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई है। परीक्षा प्रशिक्षक और विभागाध्यक्ष ने छात्र के साथ इस मामले पर चर्चा की। संस्थान ने बताया कि उन्होंने छात्र को समझाया और उसे भरोसा दिलाया कि इस घटना का उसके शैक्षणिक करियर पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा।