अमित शाह ने राजस्थान सीमा पर सुरक्षा के लिए '360-डिग्री प्लान' किया तैयार, घुसपैठ और नशीले पदार्थों की तस्करी पर कसी जाएगी नकेल

Edited By Updated: 27 May, 2026 04:36 PM

amit shah prepares  360 degree plan  for security on rajasthan border

भारत-पाकिस्तान सीमा पर राष्ट्रीय सुरक्षा को मज़बूत करने की दिशा में एक बड़े कदम के तौर पर, राजस्थान के सीमावर्ती ज़िलों में घुसपैठ, अवैध गतिविधियों, साइबर अपराध और सीमा पार से होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी पर नकेल कसने के लिए एक व्यापक...

नेशनल डेस्क: भारत-पाकिस्तान सीमा पर राष्ट्रीय सुरक्षा को मज़बूत करने की दिशा में एक बड़े कदम के तौर पर, राजस्थान के सीमावर्ती ज़िलों में घुसपैठ, अवैध गतिविधियों, साइबर अपराध और सीमा पार से होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी पर नकेल कसने के लिए एक व्यापक '360-डिग्री सुरक्षा योजना' तैयार की गई है। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को बीकानेर में सुरक्षा समीक्षा की एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान से सटे राजस्थान के सीमावर्ती ज़िलों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना था।


बैठक के दौरान, घुसपैठ, अवैध गतिविधियों, साइबर अपराध और सीमा पार से होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए एक विस्तृत '360-डिग्री सुरक्षा योजना' तैयार की गई। इस चर्चा में सीमा सुरक्षा बल (BSF), नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT), राजस्थान पुलिस और अन्य राज्य व केंद्रीय एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। राजस्थान के पाँच सीमावर्ती ज़िलों के ज़िलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) भी इस बैठक में उपस्थित थे।

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गृह मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे भारत-पाकिस्तान सीमा के 15 किलोमीटर के दायरे में होने वाले अवैध निर्माणों के खिलाफ 'शून्य सहनशीलता' (Zero Tolerance) की सख्त नीति अपनाएँ। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे उन सभी अनाधिकृत ढाँचों की तत्काल पहचान करें और उन्हें ध्वस्त कर दें, जिनसे सुरक्षा को किसी भी प्रकार का खतरा हो सकता है। सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ और नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने पर विशेष ज़ोर दिया गया।


गृह मंत्री शाह ने BSF और राज्य की एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे निगरानी और खुफिया जानकारी साझा करने की प्रक्रिया को और अधिक मज़बूत बनाने के लिए, 'संयुक्त सीमा प्रबंधन तंत्र' के तहत आपस में घनिष्ठ समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करें। एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम के तहत, ज़िलाधिकारियों को 'शेल कंपनियों' (कागज़ी कंपनियों), संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और उन 'म्यूल खातों' (Mule Accounts) के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने के लिए अतिरिक्त अधिकार प्रदान किए गए हैं, जिनका कथित तौर पर साइबर धोखाधड़ी और अवैध वित्तपोषण की गतिविधियों में दुरुपयोग किया जाता है।


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अधिकारियों को यह निर्देश भी दिया गया कि वे संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय फर्जी आधार कार्डों और संदिग्ध वित्तीय नेटवर्क की गहन जाँच करें। बैठक में साइबर अपराध से निपटने के उपायों की भी समीक्षा की गई, जिसमें अधिकारियों ने त्वरित प्रतिक्रिया और आम जनता को सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन '1930' के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल दिया। अमित शाह ने देश के नए आपराधिक कानूनों को सख्ती से लागू करने का भी निर्देश दिया, और यह सुनिश्चित करने के लिए कि इन कानूनों का प्रभावी ढंग से पालन हो सके, ज़िला प्रशासन, पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच और अधिक मज़बूत समन्वय स्थापित करने का आह्वान किया।

अधिकारियों के अनुसार, इसी तरह के सुरक्षा और अतिक्रमण-रोधी उपाय पहले बिहार के सीमांचल क्षेत्र में लागू किए गए थे, जहाँ अवैध रूप से निर्मित संपत्तियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई थी। अब, नई घोषित रणनीति के तहत राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में भी प्रवर्तन और निगरानी को और अधिक तेज़ किए जाने की उम्मीद है।

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