Edited By Parveen Kumar,Updated: 03 Aug, 2026 07:08 PM

सूचना प्रौद्योगिकी पर संसद की स्थायी समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का Facebook वीडियो हटाए जाने के मामले में Meta से कड़े सवाल पूछे हैं। समिति के कई सदस्यों ने कहा कि केवल माफ़ी मांगना पर्याप्त नहीं है और इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए।
नेशनल डेस्क : सूचना प्रौद्योगिकी पर संसद की स्थायी समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का Facebook वीडियो हटाए जाने के मामले में Meta से कड़े सवाल पूछे हैं। समिति के कई सदस्यों ने कहा कि केवल माफ़ी मांगना पर्याप्त नहीं है और इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए।
रिपोर्ट्स के अनुसार, समिति की बैठक में Meta के अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री का वीडियो तकनीकी गड़बड़ी के कारण गलती से हट गया था। कंपनी ने इस गलती के लिए माफ़ी भी मांगी, लेकिन समिति के कई सदस्यों ने कहा कि सिर्फ़ माफ़ी से मामला खत्म नहीं होता। उन्होंने जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और कंपनी के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की।
बैठक के दौरान समिति ने Meta की कंटेंट मॉडरेशन नीति पर भी सवाल उठाए। सदस्यों ने पूछा कि कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर विवादित और आपत्तिजनक सामग्री की निगरानी कैसे करती है और ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए क्या कदम उठा रही है।
समिति ने Meta से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि किन परिस्थितियों में प्रधानमंत्री का वीडियो हटाया गया और भविष्य में इस तरह की गलती न हो, इसके लिए क्या व्यवस्था की गई है। समिति ने माफ़ी के साथ-साथ जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया।
यह मामला उस समय सामने आया था जब Meta ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक Facebook पेज से एक वीडियो कुछ समय के लिए हट जाने पर सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगी थी। कंपनी का कहना था कि यह घटना तकनीकी खराबी की वजह से हुई थी और वीडियो को जानबूझकर नहीं हटाया गया।
गौरतलब है कि 28 जुलाई की सुबह यूज़र्स ने देखा कि प्रधानमंत्री का वह वीडियो Facebook पर उपलब्ध नहीं था। यह वीडियो NEET पेपर लीक के बाद 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों से पैदा हुए तनाव को शांत करने के उद्देश्य से 'जेनरेशन Z' को संबोधित करते हुए पोस्ट किया गया था। बाद में Meta ने तकनीकी त्रुटि स्वीकार करते हुए वीडियो बहाल कर दिया।