Edited By Radhika,Updated: 25 Jul, 2026 04:24 PM

कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके द्वारा शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के सामने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा करते ही प्रदर्शन स्थल पर जोरदार जश्न मनाया गया। दीपके ने कहा कि आंदोलन को अपनी...
नेशनल डेस्क: कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके द्वारा शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के सामने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा करते ही प्रदर्शन स्थल पर जोरदार जश्न मनाया गया। दीपके ने कहा कि आंदोलन को अपनी पहली बड़ी कामयाबी मिल गई है। प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल छा गया। छात्रों और कॉजपा के सदस्यों ने इसे नीट पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे अपने 36 दिन के आंदोलन की पहली बड़ी जीत बताया। साथ ही, उन्होंने अपनी बाकी मांगें पूरी होने तक विरोध जारी रखने का संकल्प भी लिया।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए दीपके ने कहा, ''धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है और यह इस बात का सबूत है कि अगर आप डरते नहीं हैं, तो आप जीत सकते हैं।'' कॉजपा संस्थापक ने कहा, ''लोकतंत्र में आपको बोलने से डरना नहीं चाहिए। जब आप आवाज उठाएंगे, तभी वे अपनी हद में रहेंगे, क्योंकि वे हमारी वजह से ही सत्ता में बैठे हैं।'' हालांकि, दीपके ने स्पष्ट किया कि आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा, ''हमारी दो और मांगें हैं। हम ऐसे ही नहीं जाएंगे। हम कॉकरोच हैं। एक बार घुस जाएं, तो निकलते नहीं। अभी सिर्फ एक इस्तीफा हुआ है। कॉकरोच से पंगा मत लो।''
CJP प्रधान के इस्तीफे के अलावा नीट पेपर लीक विवाद से जुड़े मामलों में कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने और प्रश्नपत्र लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने की मांग कर रही है। प्रधान के इस्तीफे पर दीपके ने इसे आंदोलन की ''पहली जीत'' बताया और यह भी कहा कि बाकी मांगें - जैसे पीड़ित परिवारों को मुआवजा देना और पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करना - अभी पूरी होनी बाकी हैं। दीपके ने कहा, ''जिन छात्रों ने आत्महत्या की, उनके परिवारों को मुआवजा दिया जाना चाहिए। ज्यादती करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।''