Edited By Seema Sharma,Updated: 08 Mar, 2022 08:41 AM

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विमान हादसे में बाल-बाल बच गईं। ममता के अपने निजी विमान में उड़ान के दौरान ‘गड़बड़ी’ आ गई थी और उनके विमान के सामने दूसरा विमान आ गया था। पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा होने से टल गया।
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विमान हादसे में बाल-बाल बच गईं। ममता के अपने निजी विमान में उड़ान के दौरान ‘गड़बड़ी’ आ गई थी और उनके विमान के सामने दूसरा विमान आ गया था। पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा होने से टल गया।
ममता ने घटना पर दी जानकारी
ममता के विमान में उड़ान के दौरान दिक्कत पेश आने के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने शनिवार को नागर विमानन निदेशालय (DGCA) से रिपोर्ट तलब की थी। इस घटना में बनर्जी की पीठ और सीने में चोट आई थी। राज्य सरकार ने DGCA से यह भी जानना चाहा कि बनर्जी के निजी विमान के मार्ग को मंजूरी दी गई थी या नहीं। ममता बनर्जी ने विधानसभा में मीडिया से बात करते हुए बताया कि वे उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करने के बाद राज्य लौट रही थीं तभी यह घटना हुई। उन्होंने विधानसभा बताया कि अचानक से एक अन्य विमान मेरे विमान के सामने आ गया था। अगर 10 सेकंड तक वही स्थिति रहती तो दोनों विमान टकरा जाते।
पायलट की सूझबूझ के कारण मैं बच गई। विमान छह हजार फुट नीचे आ गया था। मुझे पीठ और छाती में चोट आई। अब भी मुझे दर्द है। बनर्जी ने यह भी दावा किया कि उनका विमान किसी एयर पॉकेट में नहीं गया था। शुक्रवार शाम को बनर्जी को ले जा रही एक चार्टर्ड उड़ान में संचालन के दौरान गड़बड़ी (टर्बुलेन्स) हुई जिससे विमान अजीब तरीके से हिलने लगा था। पायलट विमान को नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारने में कामयाब रहा। मुख्यमंत्री दसॉ फाल्कन 2000 में सवार थीं जो 10.3 टन वजन का हल्का विमान है, जिसमें दो फ्लाइट अटेंडेंट सहित अधिकतम 19 लोगों को ले जाने की क्षमता है।