Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 05 Mar, 2026 06:22 PM

महाराष्ट्र सरकार ने जबरन धर्म परिवर्तन के मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए धर्मांतरण विरोधी विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी दे दी है। इस फैसले की जानकारी राज्य के मंत्री Nitesh Rane ने दी।
नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र सरकार ने जबरन धर्म परिवर्तन के मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए धर्मांतरण विरोधी विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी दे दी है। इस फैसले की जानकारी राज्य के मंत्री Nitesh Rane ने दी। उन्होंने कहा कि कई सामाजिक संगठनों और नागरिक समूहों की लंबे समय से यह मांग थी कि जबरन या प्रलोभन देकर कराए जाने वाले धर्म परिवर्तन के मामलों को रोकने के लिए कड़ा कानून बनाया जाए। इसी मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। अब इस विधेयक को जल्द ही विधानसभा में पेश किए जाने की तैयारी है। इसके बाद नियमों को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
प्रस्तावित कानून के अहम प्रावधान
- सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे विधेयक में धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों को लेकर कई सख्त प्रावधान शामिल किए जाने की संभावना है।
- यदि किसी व्यक्ति का धर्म जबरदस्ती, धोखे या लालच देकर बदला जाता है, तो यह अपराध माना जाएगा।
- ऐसे मामलों में गैर-जमानती धाराएं लागू हो सकती हैं।
- आरोपियों की गिरफ्तारी संभव होगी और जमानत आसानी से नहीं मिल सकेगी।
- सरकार का दावा है कि यह कानून कई अन्य राज्यों के मौजूदा कानूनों से अधिक सख्त हो सकता है।
- सरकार का कहना है कि विधेयक के सभी तकनीकी और कानूनी पहलुओं की जानकारी आधिकारिक रूप से जल्द साझा की जाएगी।
मंत्री का बयान
मंत्री Nitesh Rane के अनुसार, यह कानून समाज में शांति और संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार संविधान के दायरे में रहते हुए ऐसे मामलों को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था करना चाहती है।