अमरिकी डिनर में ब्रिटिश किंग ने ट्रंप पर कसा तंज: 250 साल पुराना इतिहास दिलाया याद, US संसद में भी दिया खास संदेश

Edited By Updated: 29 Apr, 2026 12:58 PM

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ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय (King Charles III) ने व्हाइट हाउस डिनर में डोनाल्ड ट्रम्प पर हल्का तंज कसते हुए कहा “अगर ब्रिटेन न होता, तो आप फ्रेंच बोल रहे होते।” इस मजाक के जरिए उन्होंने 250 साल पुराने इतिहास और US-UK रिश्तों की गहराई को याद...

Washington: अमेरिका दौरे पर पहुंचे ब्रिटेन के राजा  चार्ल्स तृतीय ने व्हाइट हाउस में आयोजित स्टेट डिनर के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प पर हल्के-फुल्के अंदाज में तंज कसा, जिसने सबका ध्यान खींच लिया। चार्ल्स ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर ब्रिटेन ने इतिहास में भूमिका न निभाई होती, तो आज अमेरिकी लोग फ्रेंच बोल रहे होते। उनका इशारा उस दौर की ओर था जब उत्तरी अमेरिका पर कब्जे को लेकर ब्रिटेन और फ्रांस के बीच संघर्ष हुआ था, जिसमें आखिरकार ब्रिटेन विजयी रहा।

   

दरअसल, यह टिप्पणी ट्रंप के पहले दिए गए बयान के जवाब में थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर अमेरिका ने द्वितीय विश्व युद्ध में हस्तक्षेप न किया होता, तो यूरोप में लोग जर्मन या जापानी बोल रहे होते। चार्ल्स ने उसी संदर्भ में हल्के अंदाज में यह जवाब दिया, जिससे माहौल हल्का हो गया लेकिन संदेश गहरा था। चार्ल्स ने अपने भाषण में कई ऐतिहासिक घटनाओं का जिक्र किया ।  1814 में ब्रिटिश सैनिकों द्वारा White House को जलाए जाने की घटना पर मजाक किया। Boston Tea Party का जिक्र करते हुए कहा कि आज का डिनर उससे “काफी बेहतर” है। इन टिप्पणियों से उन्होंने दोनों देशों के जटिल लेकिन मजबूत इतिहास को हल्के अंदाज में पेश किया।

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चार्ल्स ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि अमेरिका और ब्रिटेन का रिश्ता सिर्फ इतिहास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने NATO जैसे गठबंधनों को मजबूत बनाए रखने और वैश्विक चुनौतियों से मिलकर निपटने की जरूरत पर जोर दिया। चार्ल्स ने ट्रंप को द्वितीय विश्व युद्ध की एक ब्रिटिश पनडुब्बी HMS की घंटी भी भेंट की और मजाक में कहा-“अगर हमें बुलाना हो, तो बस घंटी बजा दीजिए।”  यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब ईरान मुद्दे को लेकर अमेरिका और ब्रिटेन के बीच कुछ मतभेद भी रहे हैं। ऐसे में चार्ल्स का यह दौरा रिश्तों को संतुलित और मजबूत करने की कोशिश माना जा रहा है।

 

इससे पहले ब्रिटेन के महाराजा चार्ल्स तृतीय ने अमेरिका की ब्रिटेन से स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ पर दोनों देशों के रिश्तों को ऐतिहासिक बताया और साथ ही नेताओं से 'आत्म-केंद्रित' न होने की अपील की। उन्होंने मंगलवार को अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका और ब्रिटेन ने मिलकर ''मानव इतिहास के सबसे प्रभावशाली गठबंधनों में से एक'' का निर्माण किया है। चार्ल्स ने अपने संबोधन में अमेरिका-ब्रिटेन के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और लोकतांत्रिक संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन केवल पुरानी उपलब्धियों पर टिक नहीं सकता और इसे वर्तमान चुनौतियों के अनुसार मजबूत करना होगा। उन्होंने रूस के खिलाफ यूक्रेन के समर्थन में दृढ़ता दिखाने और उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के गठबंधन को मजबूत बनाए रखने की जरूरत बतायी। 


  

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