Edited By Parveen Kumar,Updated: 14 May, 2026 09:24 PM

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट में हुई हालिया टिप्पणी को लेकर आम आदमी पार्टी और सोशल मीडिया अभियानों पर निशाना साधा है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि अदालतों को बदनाम करने और उन...
नेशनल डेस्क : भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट में हुई हालिया टिप्पणी को लेकर आम आदमी पार्टी और सोशल मीडिया अभियानों पर निशाना साधा है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि अदालतों को बदनाम करने और उन पर दबाव बनाने की कोशिश भारतीय लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा का जिक्र करते हुए आरपी सिंह ने कहा कि अदालत ने साफ कहा है कि एडिटेड वीडियो, चुनिंदा क्लिप और सोशल मीडिया अभियानों के जरिए कोर्ट की छवि खराब करने की कोशिश की गई। उनके मुताबिक, यह सिर्फ राजनीतिक आलोचना नहीं बल्कि न्यायपालिका जैसी संवैधानिक संस्था पर दबाव बनाने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में यह भी कहा कि अगर जजों को राजनीतिक उम्मीदों के मुताबिक फैसला न देने पर निशाना बनाया जाएगा, तो सबसे बड़ा नुकसान न्याय व्यवस्था को होगा। आरपी सिंह ने इसे “अर्बन नक्सल इकोसिस्टम” की सोच बताते हुए कहा कि कुछ लोग संस्थाओं पर तभी भरोसा करते हैं, जब फैसले उनके पक्ष में हों।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी अदालत के फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देना हर नागरिक का अधिकार है। लेकिन सोशल मीडिया ट्रायल, एडिटेड वीडियो और संगठित दुष्प्रचार के जरिए अदालतों की विश्वसनीयता पर हमला करना बेहद खतरनाक प्रवृत्ति है।
उन्होंने यह भी कहा कि अदालत ने एक शैक्षणिक कार्यक्रम में दिए गए व्याख्यान के वीडियो को कथित तौर पर काट-छांट कर फैलाने पर भी चिंता जताई है। आरपी सिंह के अनुसार, इस तरह की गतिविधियां लोकतांत्रिक बहस नहीं बल्कि संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश हैं।
पोस्ट के अंत में आरपी सिंह ने कहा कि भारत का लोकतंत्र उसकी स्वतंत्र और मजबूत संस्थाओं की वजह से कायम है। अगर राजनीतिक कारणों से संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश होगी, तो इससे लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था दोनों को नुकसान पहुंचेगा।