Edited By Radhika,Updated: 14 Aug, 2026 12:08 PM

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने ब्राह्मण समाज समेत सर्वसमाज से बसपा से जुड़े रहने की अपील करते हुए कहा है कि पार्टी की नीति ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय' की है और वह किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि सर्वसमाज के हित एवं कल्याण के लिए समर्पित...
चुनाव से पहले मायावती ने खेला ब्राह्मण कार्ड,
Lucknow News: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने ब्राह्मण समाज समेत सर्वसमाज से बसपा से जुड़े रहने की अपील करते हुए कहा है कि पार्टी की नीति ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय' की है और वह किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि सर्वसमाज के हित एवं कल्याण के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि पार्टी में नेताओं के बजाय तन, मन और धन से समर्पित अंबेडकरवादी कार्यकर्ताओं की फौज हर स्तर पर अधिक सक्रिय है। यह परंपरा पार्टी और आंदोलन के हित में कांशीराम ने स्थापित की थी। मायावती ने ‘एक्स' पर जारी बयान में कहा कि ब्राह्मण समाज और अन्य समाजों के जो लोग अब तक बसपा से निकाले गए हैं अथवा निकाले जा रहे हैं या अपने निजी स्वार्थ में दूसरी पाटिर्यों में चले गए हैं अथवा अपने गलत कार्यों से बचने के लिए सत्ताधारी पार्टी में शामिल हुए हैं, उनके प्रति लोगों की धारणा उनके कार्यों के आकलन के आधार पर संदेहपूर्ण और निराशाजनक बन रही है।
उन्होंने कहा कि खासकर भाजपा सरकार के दौरान भी ऐसे लोग निजी व पारिवारिक स्वार्थ के लिए अपनी पार्टी से अधिक उठाते रहे, जबकि अपने समाज के लिए वे लोग अधिकतर निष्क्रिय और उदासीन ही बने रहे। इन कारणों से ऐसे लोगों ने अपने समाज को भी सही तरीके से बसपा से नहीं जोड़ा, जिसके चलते पिछले कई लोकसभा और विधानसभा आम चुनावों में पार्टी को काफी नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह तथ्य किसी से छिपा नहीं है। बसपा प्रमुख ने कहा कि इसके बाद लंबे अरसे से पार्टी के प्रति ईमानदारी और निष्ठा के साथ समर्पित वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में नए संगठन और ईमानदार लोगों, खासकर युवाओं को पार्टी की नर्सरी में तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह अभियान पूरी तरह जारी है और पार्टी को उम्मीद है कि ये नए और पुराने कार्यकर्ता हर मामले में बेहतर, साफ-सुथरी और मिशनरी मानसिकता के साथ उभरेंगे तथा सच्चे अंबेडकरवादी एवं संविधानवादी संघर्ष के मजबूत स्तंभ बनकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी खासकर ब्राह्मण समाज को यह विश्वास दिलाना चाहती है कि वह पूरी मजबूती के साथ बसपा से जुड़ा रहे।
हर चुनाव में उसकी तैयारी के आधार पर उसकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और चुनावी उम्मीदवार बनाने के साथ ही सरकार बनने पर वर्ष 2007 की तरह ब्राह्मण समाज तथा अन्य सभी समाजों को पूरा उचित मान-सम्मान दिया जाएगा। मायावती ने कहा कि सर्वसमाज आधारित बसपा को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के मामले में अब विशेषकर दलित समाज को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। उन्होंने कहा कि बसपा की नर्सरी सर्वसमाज के हसीन गुलदस्ते की तरह है और वह अधिकांशत: हरी-भरी एवं सजी रहती है। उन्होने इससे पहले भी ब्राह्मण समाज के बसपा से जुड़ने का दावा करते हुए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि ब्राह्मण समाज के बसपा से जुड़ने और पार्टी द्वारा इस वर्ग के लोगों को उम्मीदवार बनाए जाने से सपा विचलित है।