Edited By Anu Malhotra,Updated: 30 Sep, 2026 01:36 PM

आसमान में उड़ते एक विमान से आए एक सिंगल कोड सिग्नल ने बुधवार को दुनिया भर की सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी। दुबई से इजरायल (तेल अवीव) के लिए उड़ान भरने वाली Flydubai की एक यात्री फ्लाइट में पायलट से अनजाने में ऐसी गलती हुई, जिसने कुछ ही मिनटों में...
नई दिल्ली: आसमान में उड़ते एक विमान से आए एक सिंगल कोड सिग्नल ने बुधवार को दुनिया भर की सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी। दुबई से इजरायल (तेल अवीव) के लिए उड़ान भरने वाली Flydubai की एक यात्री फ्लाइट में पायलट से अनजाने में ऐसी गलती हुई, जिसने कुछ ही मिनटों में हाईजैक की अफवाह फैला दी।
दरअसल, बुधवार को Flydubai की एक फ्लाइट के पायलट द्वारा उड़ान के दौरान गलत बटन दबाने से हड़कंप मच गया। यह फ्लाइट दुबई से तेल अवीव जा रही थी। इसमें 174 यात्री सवार थे, जिनमें महिलाएं और 27 बच्चे भी शामिल थे। अचानक प्लेन का रास्ता बदला गया और उसे सऊदी अरब में उतारा गया।
बता दें किएक छोटी सी घटना ने कुछ ही सेकंड में दुनिया भर में डर पैदा कर दिया। पायलट ने इमरजेंसी कोड भेजते समय गलती से गलत कोड भेज दिया। पायलट ने 'हाईजैकिंग 7500' कोड भेजा, जिससे डर और कन्फ्यूजन फैल गया। इजरायली सेना ने प्लेन को एस्कॉर्ट करने के लिए फाइटर जेट भी भेजे। सब कुछ बहुत तेज़ी से हुआ।
इजरायली अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की और हाईजैकिंग की खबरों को गलत बताया। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस के एक अधिकारी ने बयान जारी कर कहा कि यह घटना हाईजैकिंग नहीं थी। बयान में कहा गया, "Flydubai से जुड़ी घटना हाईजैकिंग नहीं थी।"
कॉकपिट में पायलटों के बीच हाथापाई का शक
सूत्रों के अनुसार, उड़ान के दौरान कॉकपिट के अंदर पायलटों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस और हाथापाई हुई। हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हउई है। फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, प्लेन के सऊदी अरब में उतरने के बाद अब उसकी अच्छी तरह से जांच की जाएगी। अधिकारी प्लेन की तलाशी लेंगे और क्रू मेंबर्स से पूछताछ करेंगे। मकसद यह पता लगाना है कि उड़ान के दौरान असल में क्या हुआ था। सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि पायलट और बाकी क्रू के बीच बातचीत को लेकर अभी अलग-अलग तरह की खबरें सामने आ रही हैं।
क्या है 7500 कोड
7500 कोड का इस्तेमाल दुनिया भर में प्लेन में गैर-कानूनी दखल का संकेत देने के लिए किया जाता है। यह सिग्नल भेजे जाने पर तुरंत सुरक्षा प्रतिक्रिया शुरू हो सकती है। ऐसा तब भी हो सकता है जब स्थिति हाईजैकिंग की न हो।