Edited By Sahil Kumar,Updated: 06 Oct, 2026 01:43 PM

कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कॉजपा के कार्यकर्ताओं को पुलिस के नोटिस दिए जा रहे हैं और उन पर 10 अक्टूबर को नयी दिल्ली में कॉजपा के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल नहीं होने का दबाव बनाया जा रहा है।
छत्रपति संभाजीनगरः कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कॉजपा के कार्यकर्ताओं को पुलिस के नोटिस दिए जा रहे हैं और उन पर 10 अक्टूबर को नयी दिल्ली में कॉजपा के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल नहीं होने का दबाव बनाया जा रहा है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार पर निशाना साधते हुए दीपके ने यह भी दावा किया कि 'एक देश, एक चुनाव' महज एक नारा है और मंशा एक देश, एक राजनीतिक दल की है। कॉजपा संस्थापक ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर शहर में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया।
कॉजपा ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का प्रस्ताव रखा है। दीपके ने दावा किया कि चंद्रपुर पुलिस ने कॉजपा कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी कर उनसे 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल नहीं होने को कहा और यात्रा खर्च के लिए धन के स्रोत को लेकर सवाल किया।
उन्होंने आरोप लगाया, ''मैंने कई बार कहा है कि महाराष्ट्र पुलिस देश की सबसे अच्छी पुलिस है और दिल्ली पुलिस को उससे सीखना चाहिए। लेकिन यह दुखद है कि चंद्रपुर पुलिस ने कॉजपा कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी कर उन्हें जंतर-मंतर के प्रदर्शन में शामिल नहीं होने को कहा। उन्होंने जंतर-मंतर तक यात्रा के खर्च के स्रोत के बारे में भी पूछा।'' दीपके ने सवाल किया कि पुलिस कैसे पहले से अनुमान लगा सकती है कि प्रदर्शन हिंसक हो जाएगा।
उन्होंने पुलिस के उस निर्देश पर भी सवाल उठाए जिसमें कॉजपा कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्ट नहीं करने को कहा गया था जिनसे कथित तौर पर हिंसा भड़क सकती है। उन्होंने पूछा, हम (महात्मा) गांधी और बी आर आंबेडकर की बात करते हैं। क्या उन्हें यह हिंसक लगता है? विपक्षी दलों ने मतदता सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और तीन सदस्यीय निर्वाचन आयोग के भीतर मतभेद की खबरों को लेकर अभियान शुरू किया है। निर्वाचन आयोग ने उसके सदस्यों के बीच मतभेद की बातों को खारिज करते हुए कहा है कि एसआईआर से संबंधित फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।