Edited By Ramanjot,Updated: 21 Mar, 2026 02:24 PM

महान गुरु मायाधर राउत की बेटी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ओडिसी नृत्य को नई पहचान दिलाई थी। उन्होंने नीदरलैंड के मंदिर में प्रदर्शन कर रिकॉर्ड बनाया था
Madhumita Raut Death: भारतीय शास्त्रीय नृत्य की दुनिया ने शनिवार सुबह अपनी एक अनमोल रत्न को खो दिया। सुप्रसिद्ध ओडिसी नृत्यांगना और गुरु मधुमिता राउत का 59 वर्ष की आयु में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनके भाई मनोज राउत ने जानकारी दी कि वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं और दिल्ली के एक निजी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।
विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प
मधुमिता राउत महान ओडिसी गुरु मायाधर राउत की सुपुत्री थीं, जिनका पिछले वर्ष ही 92 वर्ष की आयु में निधन हुआ था। अपने पिता द्वारा 1950 के दशक में पुनर्जीवित किए गए ओडिसी नृत्य की शास्त्र-आधारित परंपरा को मधुमिता ने न केवल आत्मसात किया, बल्कि उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। वह दिल्ली स्थित ‘जयंतिका-मायाधर राउत स्कूल ऑफ ओडिसी डांस’ की निदेशक के रूप में नई पीढ़ी के कलाकारों को तराश रही थीं।
अंतरराष्ट्रीय फलक पर बनाया कीर्तिमान
मधुमिता के नाम कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज हैं। वह नीदरलैंड के एक मंदिर में ओडिसी प्रदर्शन करने वाली पहली कलाकार बनीं। उन्होंने शास्त्रीय नृत्य को आधुनिक समय में प्रासंगिक बनाए रखने के लिए रचनात्मक प्रयोग किए।
विश्व मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व
अपने शानदार करियर के दौरान मधुमिता ने भारत सहित अमेरिका, जापान, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन और इंग्लैंड जैसे दर्जनों देशों के प्रमुख नृत्य महोत्सवों में अपनी कला का जादू बिखेरा। ओडिसी के प्रचार-प्रसार के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था।