Edited By Tanuja,Updated: 05 Jul, 2026 07:04 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 8-10 जुलाई के ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले मेलबर्न में 9 जुलाई को होने वाले कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर कथित धमकी दी गई है। ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अभी तक किसी संदिग्ध की आधिकारिक पहचान...
International Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले उन्हें कथित तौर पर सोशल मीडिया के जरिए धमकी दी गई है। यह धमकी 9 जुलाई को मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में आयोजित होने वाले सामुदायिक कार्यक्रम से जुड़ी बताई जा रही है। मामले की जानकारी मिलने के बाद ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस (AFP) ने जांच शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह कथित धमकी "मेलबर्न मीट्स मोदी" कार्यक्रम के प्रचार से जुड़ी एक फेसबुक पोस्ट पर टिप्पणी के रूप में लिखी गई थी। टिप्पणी में कार्यक्रम के दौरान हिंसा की धमकी देने जैसी भाषा का इस्तेमाल किया गया था। इसकी सत्यता और उद्देश्य की जांच की जा रही है।
The Australia Today की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने कथित पोस्ट से जुड़े आईपी एड्रेस की पहचान कर ली है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह संदेश किसने और किस उद्देश्य से पोस्ट किया। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक किसी व्यक्ति की पहचान, गिरफ्तारी या आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस ने मामले पर सार्वजनिक रूप से विस्तृत टिप्पणी नहीं की है। फिलहाल एजेंसियां यह जांच कर रही हैं कि यह किसी व्यक्ति की हरकत थी या इसके पीछे कोई संगठित समूह है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ऑस्ट्रेलिया में विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों को मिलने वाली किसी भी धमकी को बेहद गंभीरता से लिया जाता है। ऐसे दौरों के दौरान ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस, राज्य पुलिस और विशेष सुरक्षा एजेंसियां मिलकर सुरक्षा व्यवस्था संभालती हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 जुलाई से अपने तीन देशों के दौरे पर रवाना हो रहे हैं। पहले चरण में वह इंडोनेशिया जाएंगे। इसके बाद 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया की आधिकारिक यात्रा करेंगे, जहां उनकी ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ द्विपक्षीय वार्ता और ऑस्ट्रेलिया-भारत वार्षिक नेताओं के शिखर सम्मेलन में भाग लेने का कार्यक्रम है। इसके बाद वह 11 जुलाई को न्यूजीलैंड जाएंगे।फिलहाल ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि कथित धमकी विश्वसनीय थी या नहीं। मामले की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां आवश्यक एहतियाती कदम उठा रही हैं।