Edited By Tanuja,Updated: 07 Jul, 2026 12:58 PM

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने एक कॉमेडी पॉडकास्ट में पॉप स्टार काइली मिनोग समेत महिला हस्तियों पर की गई टिप्पणियों के बाद माफी मांगी। विपक्ष और महिला संगठनों ने उनकी टिप्पणियों को अनुचित बताया, जबकि सरकार के कुछ नेताओं ने उनका बचाव...
International Desk: ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ को एक कॉमेडी पॉडकास्ट में की गई टिप्पणियों के बाद सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी। उनकी टिप्पणियों को लेकर विपक्षी नेताओं, निर्दलीय सांसदों और महिला संगठनों ने कड़ी आलोचना की और कहा कि यह प्रधानमंत्री पद की गरिमा के अनुरूप नहीं था। विवाद की शुरुआत 2 जुलाई को जारी कॉमेडियन निकी ऑसबोर्न के Bush Deep पॉडकास्ट से हुई। पॉडकास्ट के दौरान ऑसबोर्न ने प्रधानमंत्री से "Shag, Marry, Date" नामक खेल खेलने को कहा। इसमें उन्हें तीन प्रसिद्ध ऑस्ट्रेलियाई महिलाओं पॉप स्टार काइली मिनोग, अभिनेत्री निकोल किडमैन और मनोरंजन जगत की हस्ती रोंडा बर्चमोर के नाम दिए गए। अल्बनीज़ ने शुरुआत में सवाल टालने की कोशिश की और कहा कि उन्होंने हाल ही में अपनी पत्नी जोडी हैडन से शादी की है।
इंटरव्यू के दौरान होस्ट ने मजाक में प्रधानमंत्री से उनकी शादीशुदा जिंदगी को लेकर एक निजी सवाल भी पूछा। इस पर अल्बनीज़ ने हंसते हुए जवाब दिया और कहा कि जब समय मिलता है तो सब ठीक रहता है। उन्होंने यह भी मजाक किया कि उनकी पसंदीदा रग्बी लीग टीम South Sydney Rabbitohs की जीत भी "अच्छा माहौल" बना देती है। इन टिप्पणियों के सामने आने के बाद विपक्षी नेताओं और महिला अधिकार संगठनों ने प्रधानमंत्री की आलोचना की। उनका कहना था कि देश के सर्वोच्च निर्वाचित पद पर बैठे व्यक्ति को महिलाओं का वस्तुकरण करने वाले या ऐसे खेलों में हिस्सा लेने से बचना चाहिए। निर्दलीय सांसद ज़ाली स्टेगल ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस तरह के सवालों का विरोध करना चाहिए था। वहीं विपक्षी सीनेटर सारा हेंडरसन और मारिया कोवाचिक ने भी इसे खराब निर्णय और प्रधानमंत्री पद की गरिमा के खिलाफ बताया।
बढ़ते विवाद के बीच प्रधानमंत्री अल्बनीज़ ने सोमवार को बयान जारी कर कहा, "मैं अपनी टिप्पणियों के लिए बिना किसी शर्त के माफी मांगता हूं।" उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी बातों से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और उन्हें इसका अफसोस है। हालांकि, सरकार के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने उनका बचाव भी किया। उपप्रधानमंत्री रिचर्ड मार्ल्स और सामाजिक सेवा मंत्री तान्या प्लिबर्सेक ने कहा कि प्रधानमंत्री का उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था। इस पूरे विवाद पर अब तक काइली मिनोग की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि लोकप्रिय दिखने की कोशिश और सार्वजनिक पद की गरिमा के बीच नेताओं को किस तरह संतुलन बनाए रखना चाहिए।