गुजरात बीमा धोखाधड़ी: बीमा धोखाधड़ी मामले में वडोदरा के पूर्व सर्वेयर समेत चार को तीन साल की कैद

Edited By Updated: 09 May, 2026 04:26 PM

former vadodara surveyor and four others sentenced to three years  imprisonment

अहमदाबाद स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने अग्नि बीमा (फायर इंश्योरेंस) दावों में धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामलों में फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने वडोदरा के तत्कालीन सर्वेयर जतिन भानुभाई जोशी के साथ तीन अन्य व्यक्तियों मधुसूदन...

नेशनल डेस्क। अहमदाबाद स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने अग्नि बीमा (फायर इंश्योरेंस) दावों में धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामलों में फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने वडोदरा के तत्कालीन सर्वेयर जतिन भानुभाई जोशी के साथ तीन अन्य व्यक्तियों मधुसूदन डी भावसार, इला एन पटेल और विजय अरविंदभाई कायस्थ को तीन-तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। 

इसके साथ ही अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस संबंध में 16 जुलाई 2003 को दो मामले दर्ज किये थे जो 2001 से 2003 के बीच की गई धोखाधड़ी से संबंधित थे। पहले मामले में आरोपियों ने न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, सूरत को जाली दस्तावेजों के माध्यम से 11,52,233 रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाया था जबकि दूसरे मामले में इसी तरह की साजिश रचकर कंपनी को 20,08,595 रुपये की चपत लगायी गई थी। 

इन मामलों में सीबीआई ने जांच के बाद जून 2004 में अदालत के समक्ष आरोप पत्र दाखिल किया था। इस लंबी कानूनी प्रक्रिया के दौरान मामले के तीन अन्य आरोपियों की मौत हो गई। इनमें मुख्य आरोपी और लोक सेवक रोनाल्ड अमरजीत जेम्स के अलावा नीलेश दयाभाई पटेल और उमेश विट्ठलदास पटेल शामिल थे। आरोपियों के मरने के कारण अदालत ने उनके खिलाफ कार्यवाही को बंद कर दिया था जबकि शेष चार जीवित आरोपियों को अब उनके अपराधों के लिए सजा सुना दी गई है। 

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