Himachal में महा-प्रलय: कुल्लू-मनाली में मानसून का तांडव जारी, अबतक 310 की मौ/त, इस तारीख तक रेड अलर्ट जारी

Edited By Updated: 27 Aug, 2025 12:06 PM

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हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर कहर बरपाया है जिससे राज्य में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। कुल्लू-मनाली में व्यास नदी उफान पर है और इसका रौद्र रूप देखकर लोग दहशत में हैं। अभी तक इस मॉनसून में राज्य को 2454 करोड़ रुपये का...

नेशनल डेस्क। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर कहर बरपाया है जिससे राज्य में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। कुल्लू-मनाली में व्यास नदी उफान पर है और इसका रौद्र रूप देखकर लोग दहशत में हैं। अभी तक इस मॉनसून में राज्य को 2454 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है और 310 लोगों की मौत हुई है।

 

कुल्लू-मनाली में हुई भारी तबाही

लगातार हो रही बारिश के कारण कुल्लू-मनाली में भारी नुकसान हुआ है।

उपायुक्त कुल्लू तोरूल एस. रवीश ने बताया कि पिछले 48 घंटों में 150 से ज्यादा ग्रामीण सड़कें और कई पुल बह गए हैं।

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ब्यास नदी का रौद्र रूप और पंडोह डैम से पानी छोड़ा गया

मंडी जिले में भी व्यास नदी का पानी पंचवक्त्र महादेव मंदिर के प्रांगण तक पहुंच गया है। कांगड़ा जिले में पौंग बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है जिसके चलते प्रशासन ने जलस्तर के अनुसार चरणबद्ध तरीके से पानी छोड़ने का नया शेड्यूल जारी किया है।

 

मौसम विभाग का 1 सितंबर तक अलर्ट

मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के लिए 1 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

  • ऑरेंज अलर्ट: 29 और 30 अगस्त को शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी और कांगड़ा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

  • येलो अलर्ट: 27 से 31 अगस्त के बीच शिमला, मंडी, उना, कांगड़ा और हमीरपुर सहित अन्य जिलों के लिए भी अलर्ट जारी किया गया है।

 

बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान

भारी बारिश से राज्य की सड़क और बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

  • सड़कें: मंगलवार शाम तक 3 नेशनल हाईवे और 677 सड़कें बंद हो गई थीं। सबसे ज्यादा सड़कें मंडी (342) और कुल्लू (131) में बंद हैं।

  • बिजली: पूरे प्रदेश में 1413 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं जिनमें से सबसे ज्यादा 1021 मंडी में और 402 कुल्लू में हैं।

  • पेयजल: 420 पेयजल योजनाएं भी बंद पड़ी हैं।

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जनजीवन पर गंभीर असर

  • जान-माल का नुकसान: मॉनसून शुरू होने से अब तक 310 लोगों की मौत हो चुकी है और 38 लोग लापता हैं।

  • घरों को नुकसान: 3339 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं जिनमें से 720 पूरी तरह ढह गए हैं।

  • आर्थिक नुकसान: इस मॉनसून में अब तक प्रदेश को करीब 2454 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

  • प्राकृतिक आपदाएं: इस सीजन में 90 बार फ्लैश फ्लड, 84 बार भूस्खलन और 42 बार बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गई हैं।

प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह संकट और कितना गहराता है।

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