Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 14 Mar, 2026 07:45 PM

महाराष्ट्र के विरार से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां वसई-विरार सिटी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (VVCMC) की स्वास्थ्य टीम ने कार्रवाई करते हुए एक अवैध स्पर्म बैंक रैकेट का पर्दाफाश किया है।
नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र के विरार से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां वसई-विरार सिटी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (VVCMC) की स्वास्थ्य टीम ने कार्रवाई करते हुए एक अवैध स्पर्म बैंक रैकेट का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया कि बिना किसी सरकारी अनुमति या पंजीकरण के दाताओं से शुक्राणु एकत्र कर उनका भंडारण और बिक्री की जा रही थी। नगर निगम को मिली शिकायत के बाद आयुक्त मनोजकुमार सूर्यवंशी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने विशेष टीम बनाई। इस टीम का नेतृत्व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भक्ति चौधरी ने किया।
विरार में छापेमारी, अवैध कारोबार का खुलासा
9 मार्च को टीम ने विरार पूर्व स्थित पद्मीबाई टॉवर में संचालित जीवदानी साइंटिफिक कंपनी पर अचानक छापा मारा। जांच में पाया गया कि यहां बिना वैध अनुमति के स्पर्म संग्रहण और स्टोरेज किया जा रहा था।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कंपनी के संचालक मयूर भागवत संख्ये और कमलेश शंकर खुत सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (ART) अधिनियम 2021 का उल्लंघन कर रहे थे। संबंधित संस्था ART बैंक के रूप में पंजीकृत नहीं थी, इसके बावजूद वहां शुक्राणुओं का अवैध भंडारण और व्यापार किया जा रहा था। नगर निगम की शिकायत के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
बदलापुर में एग तस्करी का मामला भी आया सामने
इस मामले के साथ ही ठाणे जिले के बदलापुर में स्त्री बीज (ओवम) की अवैध तस्करी का मामला भी उजागर हुआ है। आरोप है कि सुलक्षणा गाडेकर नाम की महिला अपने घर से यह गैरकानूनी कारोबार चला रही थी।
बताया जा रहा है कि आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को पैसे का लालच देकर हार्मोन इंजेक्शन लगाए जाते थे, जिससे उनके शरीर में अधिक ओवम तैयार हों। बाद में उन्हें IVF क्लीनिक भेजकर सर्जरी के जरिए अंडाणु निकाले जाते और अवैध रूप से बेचे जाते थे।
राज्यभर में IVF और ART सेंटर्स की जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूरे राज्य में संचालित IVF और ART केंद्रों की व्यापक जांच कराने का निर्देश दिया है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमें विभिन्न शहरों में जांच और छापेमारी कर रही हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंडाणु तस्करी से भी जुड़ा हो सकता है। इसलिए आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी पर उठे सवाल
विरार और बदलापुर के इन मामलों ने महाराष्ट्र में प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं और ART केंद्रों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे गैरकानूनी रैकेट्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।