Edited By Pardeep,Updated: 29 Apr, 2026 01:45 AM

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। आज दूसरे और अंतिम चरण के तहत 142 सीटों पर मतदान हो रहा है। यह चरण तय करेगा कि क्या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दक्षिण बंगाल के अपने 'गढ़' को बचाने में सफल रहती हैं या भारतीय जनता...
नेशनल डेस्कः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। आज दूसरे और अंतिम चरण के तहत 142 सीटों पर मतदान हो रहा है। यह चरण तय करेगा कि क्या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दक्षिण बंगाल के अपने 'गढ़' को बचाने में सफल रहती हैं या भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) इस बार इस किले को ढहाकर सत्ता के करीब पहुंचेगी।
दीदी का गढ़ और बीजेपी की चुनौती
आज जिन 142 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं, वे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। साल 2021 के चुनावों में इन सीटों पर TMC ने एकतरफा जीत दर्ज करते हुए 123 सीटें हासिल की थीं, जबकि बीजेपी मात्र 18 सीटों पर सिमट गई थी। आज कोलकाता, हावड़ा, उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली और पूर्वी बर्धमान जैसे जिलों में सियासी किस्मत का फैसला होना है।
भवानीपुर पर टिकी सबकी नजरें: 'मिनी इंडिया' में प्रतिष्ठा की जंग
इस चरण की सबसे हाई प्रोफाइल सीट भवानीपुर बनी हुई है, जिसे ममता बनर्जी का सबसे मजबूत किला माना जाता है। इसे 'मिनी इंडिया' कहा जाता है क्योंकि यहाँ बंगाली, गुजराती, मारवाड़ी, मुस्लिम और उत्तर भारतीय समुदायों की मिली-जुली आबादी है। बीजेपी के लिए इस किले को जीतना ममता बनर्जी के 'अजेय' होने के मिथक को तोड़ने जैसा होगा।
सुरक्षा का अभेद्य घेरा: आसमान से भी रखी जा रही नजर
निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं:
- सेंट्रल फोर्स का पहरा: सात जिलों में केंद्रीय बलों की 2,321 कंपनियां तैनात की गई हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 273 कंपनियां केवल कोलकाता में हैं।
- तकनीक का सहारा: सभी 41,001 पोलिंग स्टेशनों पर वेबकास्टिंग की जा रही है और कैमरों वाले ड्रोन से चप्पे-चप्पे की निगरानी हो रही है।
- वोटरों का दम: आज कुल 3.21 करोड़ से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें करीब 1.57 करोड़ महिलाएं और 792 थर्ड-जेंडर वोटर शामिल हैं।