Edited By Tanuja,Updated: 08 Feb, 2026 07:10 PM

सिंगापुर में क्रांजी युद्ध स्मारक पर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सिंगापुर-मलाया की रक्षा में शहीद हुए 3,318 सिख सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई। भारत सहित सात राष्ट्रमंडल देशों के उच्चायुक्त और सिंगापुर के वरिष्ठ मंत्री ने समारोह में भाग लिया और...
International Desk: सिंगापुर के एक मंत्री और भारत सहित सात राष्ट्रमंडल देशों के उच्चायुक्तों ने रविवार को यहां सिख समुदाय के साथ द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सिंगापुर-मलाया की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। तत्कालीन अविभाजित पंजाब के विभिन्न समुदायों के 3,318 शहीद सैनिकों के जीवन और बलिदान को श्रद्धांजलि देने के लिए क्रांजी युद्ध स्मारक में स्मृति दिवस आयोजित किया गया। इन सिख सैनिकों ने जापानी सेना के खिलाफ लड़ते हुए अपनी जान न्यौछावर की थी।
The Tartan Sikhs at Kranji Singapore
Earlier today, in a fitting tribute to the 3318 Singh’s of the Indian Army who died in East Asia in WWII whose names are carved on the walls of Kranji War Cemetery, a band of Sikh pipers began the commemoration. The sun shone brightly on a… pic.twitter.com/lpf0tqoiOz
— Gautam Hazarika (@ghazarika70) February 8, 2026
वरिष्ठ राज्य मंत्री मुरली पिल्लई ने स्मारक सेवा में समुदाय के लगभग 400 सदस्यों और नेताओं के साथ भाग लिया और पूर्वी तट पर तत्कालीन प्रवासी सिखों द्वारा निर्मित गुरुद्वारे के 100 वर्ष पूरे होने का जश्न भी मनाया। द्वितीय विश्व युद्ध में शामिल रहे ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, भारत, न्यूजीलैंड, कनाडा और पाकिस्तान के उच्चायुक्तों ने क्रांजी युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसे ''एक बेहद यादगार और महत्वपूर्ण घटना'' बताते हुए, सिंगापुर में भारतीय उच्चायुक्त शिल्पक अंबुले ने शहीद सैनिकों और साथ ही सिंगापुर एवं मलाया के पुनर्निर्माण में भारतीय समुदाय के योगदान को रेखांकित किया।