Edited By Mansa Devi,Updated: 28 Jan, 2026 01:59 PM

रूस और यूक्रेन के बीच करीब चार साल से जारी युद्ध अब आधुनिक इतिहास की सबसे खतरनाक और जानलेवा लड़ाइयों में गिना जा रहा है। एक नई अमेरिकी रिपोर्ट ने इस युद्ध के भयावह आंकड़े दुनिया के सामने रख दिए हैं।
इंटरनेशनल डेस्कः रूस और यूक्रेन के बीच करीब चार साल से जारी युद्ध अब आधुनिक इतिहास की सबसे खतरनाक और जानलेवा लड़ाइयों में गिना जा रहा है। एक नई अमेरिकी रिपोर्ट ने इस युद्ध के भयावह आंकड़े दुनिया के सामने रख दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2022 से अब तक रूस और यूक्रेन के मिलाकर करीब 20 लाख सैनिक हताहत हो चुके हैं। यह संख्या द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी भी युद्ध में दर्ज किए गए हताहतों से कहीं अधिक है।
CSIS रिपोर्ट: रूस को सबसे ज्यादा नुकसान
अमेरिका के थिंक टैंक Center for Strategic and International Studies (CSIS) की रिपोर्ट में बताया गया है कि रूस को इस युद्ध में सबसे बड़ा सैन्य नुकसान उठाना पड़ा है। रूसी सेना के करीब 12 लाख हताहत हुए हैं, जिनमें से लगभग 3.25 लाख सैनिक मारे गए।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारी हताहतों के बावजूद रूस की जमीनी बढ़त बेहद धीमी रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी भी देश ने इतने सैनिक गंवाए, और इसके बावजूद जमीन पर कोई बड़ी सफलता हासिल नहीं हुई।
यूक्रेन की स्थिति भी चिंताजनक
यूक्रेन को भी भारी नुकसान झेलना पड़ा है। फरवरी 2022 से दिसंबर 2025 तक यूक्रेनी सेना के लगभग 5–6 लाख सैनिक हताहत हुए हैं। इनमें से करीब 11.4 लाख सैनिकों की मौत हुई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने फरवरी 2025 में एक अमेरिकी चैनल को बताया कि युद्ध में उनके देश के लगभग 46,000 सैनिक मारे गए, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह संख्या वास्तविक हताहतों से काफी कम हो सकती है। हजारों सैनिक अब भी लापता या युद्धबंदी बने हुए हैं।
आम नागरिकों पर भी भारी असर
इस युद्ध का असर केवल सैनिकों तक सीमित नहीं रहा। संयुक्त राष्ट्र (UN) के अनुसार, 2025 में यूक्रेन में नागरिक मौतों की संख्या सबसे अधिक रही। UN के आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष 2,500 से ज्यादा नागरिक मारे गए और 12,000 से अधिक लोग घायल हुए। फरवरी 2022 से अब तक लगभग 15,000 नागरिकों की मौतों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक मानी जा रही है।