Edited By Mansa Devi,Updated: 09 Feb, 2026 11:57 AM

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि विद्यार्थियों को अपने आप को प्रौद्योगिकी का गुलाम नहीं बनने देना चाहिए, बल्कि इसका उपयोग अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए करना चाहिए। मोदी ने 'परीक्षा पे चर्चा' के दूसरे एपिसोड में कहा कि मोबाइल फोन उन कुछ...
नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि विद्यार्थियों को अपने आप को प्रौद्योगिकी का गुलाम नहीं बनने देना चाहिए, बल्कि इसका उपयोग अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए करना चाहिए। मोदी ने 'परीक्षा पे चर्चा' के दूसरे एपिसोड में कहा कि मोबाइल फोन उन कुछ बच्चों के मालिक बन गए हैं, जो उनके बिना या टेलीविजन स्क्रीन के बिना खाना भी नहीं खा सकते। मोदी ने कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और गुजरात में विद्यार्थियों से हुई बातचीत में कहा, ''इसका मतलब है कि आप मोबाइल के गुलाम बन गए हैं। आपको यह दृढ़ संकल्प लेना होगा कि आप अपने आप को प्रौद्योगिकी का गुलाम नहीं बनने देंगे।''

प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों से न डरें, बल्कि उनका उपयोग अपने कौशल को निखारने और अपनी क्षमता को बढ़ाने के लिए करें। उन्होंने विद्यार्थियों से परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पिछले प्रश्न पत्रों का अभ्यास करने और पर्याप्त नींद लेने का भी आग्रह किया। मोदी ने कहा, ''परीक्षाओं की अच्छी तैयारी करने के बाद आपको कभी तनाव महसूस नहीं होगा। रात में अच्छी नींद लेने से आप दिन भर खुश रहेंगे।''

प्रधानमंत्री ने अपने छात्र जीवन में अपने शिक्षकों की भूमिका और स्वस्थ रहने के लिए व्यायाम पर उनके जोर को याद किया। उन्होंने कहा, ''अगर आप किसी भी महान व्यक्ति से पूछेंगे, तो वे कहेंगे कि उनकी मां और शिक्षकों ने उनके जीवन को आकार देने में मदद की।'' नेतृत्व के विषय पर प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहतर संवाद करने की क्षमता एक महत्वपूर्ण गुण है। उन्होंने कहा, ''नेतृत्व का मतलब सिर्फ चुनाव लड़ना नहीं है। नेतृत्व की एक बड़ी खूबी कम से कम दस लोगों को अपने विचार स्पष्ट रूप से संप्रेषित करने की क्षमता है।''