'जनता के आक्रोश ने किया मजबूर...' कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने पर PM मोदी ने साधा निशाना

Edited By Updated: 05 Jun, 2026 10:17 PM

pm modi takes aim at the change of chief minister in karnataka

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि ''जनता के भारी आक्रोश'' ने कांग्रेस को कर्नाटक में अपना मुख्यमंत्री बदलने के लिए मजबूर किया। उन्होंने विपक्षी दल पर पिछले 12 वर्षों के दौरान अव्यवस्था व अनिश्चितता फैलाने और इनमें राजनीतिक और चुनावी...

नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि ''जनता के भारी आक्रोश'' ने कांग्रेस को कर्नाटक में अपना मुख्यमंत्री बदलने के लिए मजबूर किया। उन्होंने विपक्षी दल पर पिछले 12 वर्षों के दौरान अव्यवस्था व अनिश्चितता फैलाने और इनमें राजनीतिक और चुनावी अवसर तलाशने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान दशक विश्व के लिए संकट का दौर साबित हो रहा है और उन्होंने कोविड-19 महामारी, युद्धों और अब पश्चिम एशिया संघर्ष के मद्देनजर पैदा हुए ऊर्जा संकट का उल्लेख किया।

हालांकि, प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने अपने 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयासों के माध्यम से इन सभी चुनौतियों का दृढ़ता से सामना किया है। वह गुजरात में 18,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करने के बाद, सूरत में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक संकट इस बात को रेखांकित करता है कि ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भरता कितनी महत्वपूर्ण है, और उन्होंने पिछले 12 वर्षों में भारत द्वारा इस मामले में हासिल की गई क्षमता के महत्व को रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मतदाताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बार-बार जनादेश दिया है क्योंकि उन्हें भाजपा सरकार की विकास पहल और देश के लिए उसके विकासोन्मुखी एजेंडे पर भरोसा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में हाल में हुए चुनावों में तथा देश भर में पंचायत और नगर निकाय चुनावों में भाजपा नीत राजग को मिले भारी जनादेश में यह प्रदर्शित हुआ है। मोदी ने कहा, ''हर चुनाव एक ही संदेश देता है: देश अराजकता, अनिश्चितता या निराशा को पसंद नहीं करता। पिछले 12 वर्षों में कांग्रेस अपने द्वारा फैलाई गई अव्यवस्था और अनिश्चितता के बीच अवसर तलाश रही है, लेकिन देश की जनता ने उसे बार-बार मुंहतोड़ जवाब दिया है।''

प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात की जनता ने कांग्रेस को हाशिये पर धकेल दिया है, और जिन राज्यों में कांग्रेस सत्ता में है, वहां की जनता उसके कुशासन से तंग आ चुकी है। उन्होंने हाल में हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों का हवाला देते हुए यह बात कही। मोदी ने कहा कि इन राज्यों की जनता ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अव्यवस्था के बीच अवसर तलाशने की कांग्रेस की राजनीति नहीं चलेगी। उन्होंने 3 जून को कर्नाटक में सिद्धरमैया के स्थान पर डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने का जिक्र करते हुए कहा, ''जहां भी कांग्रेस पार्टी सत्ता में है, लोग नाखुश हैं।

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के प्रति जनता में भारी आक्रोश है, यही कारण है कि पार्टी को वहां अपने मुख्यमंत्री को बदलना पड़ा।'' उन्होंने कहा, ''भारत नकारात्मकता से बहुत आगे निकल चुका है। यह असीम आशावाद और असाधारण आकांक्षाओं वाला देश है।'' मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार ने पिछले 12 वर्षों में भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य किया है, और मौजूदा वैश्विक संकट ने इसके महत्व को और बढ़ा दिया है। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा, ''एक ओर हमने दुनिया के विभिन्न हिस्सों से तेल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की, वहीं दूसरी ओर हमने नवीकरणीय ऊर्जा में ऐतिहासिक रूप से निवेश बढ़ाया है।''

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा आत्मनिर्भरता पर जोर दिये जाने के बावजूद, देश में ''कुछ निराशावादी'' लोग हैं जो लगातार 'आत्मनिर्भर भारत' पहल का मजाक उड़ा रहे हैं। उन्होंने कहा, ''आज देश में कुछ निराशावादी लोग हैं जो 'आत्मनिर्भर भारत' पहल का मजाक उड़ा रहे हैं। वे लगातार इस राष्ट्रीय संकल्प को नीचा दिखा रहे हैं। ये वही लोग हैं जिन्होंने हमेशा भारत को अन्य देशों पर निर्भर रखा है।'' उन्होंने जोर देते हुए कहा, ''वे लोग यह समझ नहीं पा रहे हैं कि दूसरों पर निर्भर देश कभी भी विकास की उन ऊंचाइयों को नहीं छू सकता जिनका वह वास्तव में हकदार है।''

प्रधानमंत्री ने कहा कि 'आत्मनिर्भर भारत' पहल को गति देने के लिए देश वर्तमान में कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दे रहा है। वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे, समर्पित माल ढुलाया गलियारा और अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं भारत की इस प्राथमिकता को दर्शाती हैं। प्रधानमंत्री ने पर्यावरण दिवस के अवसर पर कहा कि दुनिया हरित भविष्य की ओर अग्रसर होने के प्रति अधिक जागरूक हो गई है और उस दिशा में सावधानीपूर्वक, क्रमिक रूप से कदम बढ़ा रही है।

मोदी ने कहा, ''आज भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 250 गीगावाट है, जिसमें अकेले गुजरात का योगदान 50 गीगावाट है।'' इससे पहले दिन में, प्रधानमंत्री ने सूरत जिले में लार्सन एंड टुब्रो (एल एंड टी) के हजीरा केंद्र का दौरा किया तथा जारी औद्योगिक कार्यों और अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की।

मोदी ने 'एल एंड टी' के अत्याधुनिक विनिर्माण केंद्र, 'एएम नाइक हेवी इंजीनियरिंग कॉम्प्लेक्स' का दौरा किया। उन्हें इस संयंत्र में निर्मित 'जोरावार' टैंकों और अन्य रक्षा उपकरणों के बारे में जानकारी दी गई। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और 'एल एंड टी डिफेंस' ने मिलकर 25 टन वजनी इस टैंक को विकसित किया है, जिसे मुख्य रूप से चीन के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में त्वरित तैनाती के लिए डिजाइन किया गया है। इसका परिवहन विमान या हेलीकॉप्टर से किया जा सकता है।

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