मैं ममता बनर्जी की तरह 'कमजोर, डरपोक' मुख्यमंत्री नहीं हूं, शुभेंदु अधिकारी ने साधा निशाना

Edited By Updated: 10 Jul, 2026 10:14 PM

i am not a  weak timid  chief minister like mamata banerjee shubhendu adhikari

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि वह ममता बनर्जी की तरह ''कमजोर और डरपोक'' मुख्यमंत्री नहीं हैं। उन्होंने जोर दिया कि वह निर्वाचित प्रतिनिधियों की ऐसी गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे जिनसे...

नेशनल डेस्क : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि वह ममता बनर्जी की तरह ''कमजोर और डरपोक'' मुख्यमंत्री नहीं हैं। उन्होंने जोर दिया कि वह निर्वाचित प्रतिनिधियों की ऐसी गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे जिनसे सांप्रदायिक तनाव भड़क सकता है। शुभेंदु अधिकारी आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर का जिक्र कर रहे थे, जिन्होंने हाल ही में कुछ ''भड़काऊ'' टिप्पणियां की थीं।

मुर्शिदाबाद जिले की रेजिनगर सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक रैली को संबोधित करते हुए अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को ''कमजोर और डरपोक'' करार देते हुए कहा कि ऐसे ''गैर-जिम्मेदाराना कृत्यों'' के प्रति उनकी प्रतिक्रिया बिल्कुल विपरीत होगी। चुनाव कार्यक्रम की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा, "गलतफहमी में न रहें, मैं ममता बनर्जी की तरह कमजोर और डरपोक मुख्यमंत्री नहीं हूं। मैं निर्वाचित प्रतिनिधियों की गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियों को बर्दाश्त नहीं करूंगा। मैंने स्थानीय विधायक से कहा है कि वे देश के संविधान को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर शब्द चुनें।" नंदीग्राम के साथ-साथ रेजिनगर सीट पर भी उपचुनाव होने की संभावना है।

नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर में जीत के बाद छोड़ी थी, जहां उन्होंने ममता बनर्जी को हराया था। वहीं, रेजिनगर सीट हुमायूं कबीर के छोड़ने के बाद खाली हुई, क्योंकि उन्होंने नौदा सीट से भी जीत दर्ज की थी। अधिकारी ने कहा, ''रेजिनगर में उपचुनाव अगले 30 से 45 दिनों में होंगे। इस इलाके में लंबे समय से चली आ रही हिंदू-मुस्लिम राजनीति के बजाय, हम यहां के मतदाताओं की जो भी मांगें होंगी, उन्हें पूरा करते हुए विकास लाएंगे।''

उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने सीएए (संशोधित नागरिकता कानून)-एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजी) और वक्फ अधिनियम जैसे मुद्दों के विरोध के नाम पर पूरे मुर्शिदाबाद में हिंसा भड़काई, जिसके कारण क्षेत्र के लोगों को लगातार परेशानियों और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान 29 जून को शुभेंदु अधिकारी ने हुमायूं कबीर पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया था कि नौदा विधायक उपचुनाव में मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने के लिए भड़काऊ बयान दे रहे हैं। अधिकारी का दावा था कि रेजिनगर सीट खाली करने के बाद इस उपचुनाव में एजेयूपी प्रमुख के बेटे के चुनाव लड़ने की संभावना है।

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