Edited By Radhika,Updated: 07 Apr, 2026 04:46 PM

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को west bengal
की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला किया और उनकी सरकार पर ''तुष्टीकरण की राजनीति'' करने, वोट-बैंक के लिए घुसपैठ को बढ़ावा देने और राज्य को ''कुशासन तथा भ्रष्टाचार'' के दौर में धकेलने का आरोप...
नेशनल डेस्क: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला किया और उनकी सरकार पर ''तुष्टीकरण की राजनीति'' करने, वोट-बैंक के लिए घुसपैठ को बढ़ावा देने और राज्य को ''कुशासन तथा भ्रष्टाचार'' के दौर में धकेलने का आरोप लगाया। उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, सिंह ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार ने समाज को जाति, धर्म और संप्रदाय के आधार पर बांट दिया है, जबकि राजनीति इसके बजाय ''न्याय, मानवता और समानता'' पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ''ममता जी, मैं आपको एक सुझाव देना चाहता हूं। राजनीति करें, लेकिन तुष्टीकरण की राजनीति नहीं। राजनीति संतुष्टि की होनी चाहिए, तुष्टीकरण की नहीं।''
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा, ''आपने समाज को जाति, धर्म और संप्रदाय के आधार पर बांटा है। राजनीति जाति या धर्म के आधार पर नहीं होनी चाहिए। राजनीति न्याय और मानवता या न्याय और समानता पर आधारित होनी चाहिए।'' अवैध आव्रजन के मुद्दे पर भाजपा के हमले को तेज़ करते हुए, सिंह ने दावा किया कि बनर्जी घुसपैठ रोकने को तैयार नहीं हैं क्योंकि वह घुसपैठियों को एक राजनीतिक वोट बैंक के तौर पर देखती हैं। उन्होंने कहा, ''जहां तक घुसपैठियों की बात है, मैं भरोसे के साथ कह सकता हूं कि ममता जी उन्हें रोकना नहीं चाहतीं क्योंकि वह उन्हें अपना वोट बैंक मानती हैं।'' रक्षा मंत्री ने कहा कि जब वह केंद्रीय गृह मंत्री थे, तब केंद्र ने बीएसएफ द्वारा सीमा पर बाड़ लगाने के लिए राज्य सरकार से ज़मीन मांगी थी, लेकिन इस अनुरोध पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा, ''जब मैं गृह मंत्री था, तो हमने ज़मीन मांगी थी ताकि बीएसएफ द्वारा सीमा पर बाड़बंदी की जा सके। लेकिन ज़मीन नहीं दी गई। शायद अब जाकर कुछ ज़मीन दी गई है।''
सिंह ने कहा कि अगर कोई उनसे पूछे कि 'टीएमसी' (तृणमूल कांग्रेस) का क्या मतलब है, तो वह कहेंगे कि इसका मतलब ''टोटल मिसरूल एंड करप्शन'' (पूरी तरह कुशासन और भ्रष्टाचार) है। बंगाल के दूसरे राज्यों से पिछड़ने का दावा करते हुए सिंह ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में लूट, अपहरण और हत्या की घटनाएं आम हो गई हैं। उन्होंने कहा, ''पश्चिम बंगाल में लगातार लूट और हत्या हो रही हैं। ममता जी, आप इस राज्य को कहां ले जाना चाहती हैं? भारत के दूसरे राज्यों की तुलना में आपने बंगाल को पीछे धकेल दिया है।'' मालदा में न्यायिक अधिकारियों के घेराव और उसके बाद अदालतों की टिप्पणियों का जिक्र करते हुए, सिंह ने दावा किया कि न्यायिक अधिकारियों को भी नहीं बख्शा गया। उन्होंने कहा, ''यहां तक कि न्यायिक मजिस्ट्रेटों को भी बंधक बना लिया गया था। आपको भारत या दुनिया के इतिहास में ऐसी सरकार कहीं नहीं मिलेगी। उच्चतम न्यायालय ने खुद कहा था कि यह एक सुनियोजित और जानबूझकर की गई कार्रवाई थी।''

सिंह ने पिछले महीने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के राज्य दौरे के दौरान तृणमूल सरकार द्वारा प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने संबंधी विवाद की पृष्ठभूमि में आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी की सोच ''आदिवासियों का अपमान करने वाली, जबकि घुसपैठियों का महिमामंडन करने वाली है।'' उन्होंने कहा, ''यहां तक कि भारत की राष्ट्रपति, जो सबसे उच्च संवैधानिक पद पर आसीन हैं, को भी नहीं बख्शा गया। उन्हें वह सम्मान नहीं दिया गया जिसकी वह हकदार हैं। तृणमूल कांग्रेस के एक मंत्री ने एक बार राष्ट्रपति के बारे में बहुत ही अपमानजनक और शर्मनाक टिप्पणी की थी।''
सिंह ने कहा, ''मैं उन शब्दों को दोहरा भी नहीं सकता।'' उन्होंने कहा, ''पिछले चुनाव में, ममता जी अपनी (नंदीग्राम) सीट से हार गईं। बंगाल के लोगों ने उन्हें चेतावनी दी थी। इस बार, तृणमूल कांग्रेस का पूरे बंगाल से सफाया होने वाला है।'' उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल में उद्योग लाना चाहती है, लोगों की आय बढ़ाना चाहती है और ज्यादा निवेश लाना चाहती है।