Edited By Rohini Oberoi,Updated: 02 Aug, 2026 01:07 PM

केरल पुलिस ने कहा है कि इस वर्ष फरवरी में कन्नूर रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन के दौरान तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज पर केएसयू कार्यकर्ताओं के कथित हमले के मामले में आगे की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों...
कन्नूर : केरल पुलिस ने कहा है कि इस वर्ष फरवरी में कन्नूर रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन के दौरान तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज पर केएसयू कार्यकर्ताओं के कथित हमले के मामले में आगे की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस और केरल स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) कार्यकर्ताओं की ओर से दायर याचिकाओं के आधार पर गृह विभाग ने मामले की आगे जांच कराने और एसआईटी गठित करने का निर्णय लिया है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस अधीक्षक (एसपी) रैंक का एक अधिकारी एसआईटी का नेतृत्व करेगा और मामले की जांच की निगरानी करेगा।
इस संबंध में गृह विभाग की ओर से जल्द ही आधिकारिक आदेश जारी किये जाने की संभावना है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आगे जांच की मांग इसलिए उठी क्योंकि शुरुआत में आरोपी केएसयू कार्यकर्ताओं के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा लगाई गई थी लेकिन बाद में अदालत में आरोपपत्र दाखिल करते समय इसे हटा दिया गया।
यह घटना 25 फरवरी को घटित हुई थी जब चिकित्सकीय लापरवाही की कथित घटनाओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे केएसयू के पांच कार्यकर्ता कन्नूर रेलवे स्टेशन पर वीणा जॉर्ज के ट्रेन में सवार होने के दौरान उनके पास पहुंचे थे। घटना के बाद वीणा जॉर्ज ने गर्दन में दर्द की शिकायत की थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
यह भी पढ़ें: मनोरंजन जगत से आई बुरी खबर: इस Famous Actor ने दुनिया को कहा अलविदा, फैंस को लगा बड़ा झटका
इस घटना के बाद कन्नूर और केरल के अन्य हिस्सों में व्यापक हिंसा हुई थी। आरोप है कि कांग्रेस के कई कार्यालयों पर भी हमले किए गए थे। वीणा जॉर्ज के सुरक्षाकर्मी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर पांचों केएसयू कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि वीणा जॉर्ज पर कथित हमले में हथियार का इस्तेमाल किया गया था। घटना के बाद केएसयू कार्यकर्ताओं ने इस मामले को साजिश करार देते हुए दावा किया था कि वे वीणा जॉर्ज के पास तक नहीं पहुंचे थे और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पहले ही रोक दिया था। हालांकि इस वर्ष जून में जांच दल ने अदालत में आरोपपत्र दाखिल करते हुए आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं को हटा दिया था।