Edited By Rahul Singh,Updated: 13 Oct, 2026 08:09 PM

आजमगढ़ के सांसद ने केंद्र और उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकारों पर लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की आज़ादी को कमजोर करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, "सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले लोगों, प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों को जेल भेजा जा रहा...
बदायूं : समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने मंगलवार को कहा कि बीजेपी के शासन में चुनाव आयोग ने अपनी आज़ादी खो दी है और वह पार्टी की कठपुतली बनकर रह गया है। बदायूं विधानसभा क्षेत्र के गुलरिया कस्बे में PDA (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) पंचायत के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए यादव ने कहा, "चुनाव आयोग पूरी तरह से बीजेपी की कठपुतली बन गया है।"
आजमगढ़ के सांसद ने केंद्र और उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकारों पर लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की आज़ादी को कमजोर करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, "सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले लोगों, प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों को जेल भेजा जा रहा है। ऐसी घटनाएं लोकतंत्र की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।" यादव ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के लोग पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में राजनीतिक बदलाव चाहते हैं। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन ने बीजेपी को 2024 के लोकसभा चुनावों में अपने दम पर बहुमत हासिल करने से रोका, जिससे उसे सरकार बनाने के लिए अपने सहयोगियों पर निर्भर रहना पड़ा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए विपक्ष की लड़ाई एक सामूहिक प्रयास है और इसका श्रेय किसी एक राजनीतिक पार्टी को नहीं दिया जाना चाहिए। यादव ने कहा, "विपक्ष की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की आलोचना करने तक सीमित नहीं है। उसे जनहित के मुद्दों को उठाना चाहिए और संविधान की रक्षा भी करनी चाहिए।" SP नेता ने कहा कि उनकी पार्टी पिछड़े वर्गों, दलितों, अल्पसंख्यकों और समाज के अन्य वंचित वर्गों के अधिकारों, सम्मान और प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यादव ने यह भी दावा किया कि अयोध्या के मतदाताओं ने पिछले आम चुनाव में सत्ताधारी पार्टी को एक कड़ा संदेश दिया था; उन्होंने शहर में राम मंदिर में चढ़ावे में हेराफेरी को लेकर बीजेपी की आलोचना की।
यादव ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी राजनीतिक ताकत आजमाना चाहते हैं, तो उन्हें अयोध्या से SP के पवन पांडे के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में पार्टी की शानदार जीत का दावा किया।