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राहुल गांधी की बस में सवार हुआ पूरा महागठबंधन, बढ़ सकती है मोदी सरकार की टेंशन

राहुल गांधी की बस में सवार हुआ पूरा महागठबंधन, बढ़ सकती है मोदी सरकार की टेंशन

नेशनल डेस्कः राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार बन गई है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी ने फिर से सत्ता में कमबैक किया। तीनों राज्यों के छिनने से भाजपा पहले ही सकते में थी लेकिन राहुल गांधी की बस की तस्वीर मोदी सरकार की टेंशन को और बढ़ा सकती है। तीनों राज्यों में कांग्रेस के नए मुख्यमंत्रियों का आज शपथ ग्रहण समारोह था और इस दौरान राज्यों में जाने के लिए एक बस की गई है जिसमें पूरा विपक्ष बैठा हुआ है। इस बस की फ्रंट की दो सीटों पर राहुल गांधी और मनमोहन सिंह बैठे हुए हैं और उनके पीछे अन्य दलों के नेता हैं। यह तस्वीर एक तौर पर 2019 में महागठंबधन की मजबूती की ओर इशारा कर रही है जो मोदी के खिलाफ एकजुट हुए हैं।
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शपथ समारोह विपक्षी एकता का चेहरा दिखा
अल्टबर्ट हॉल के सामने आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे ही लेकिन विपक्ष के दिग्गज नेता शरद पंवार, एचडी देवगोड़ा, शरद यादव, एम के स्टालिन, फारुख अबदुल्ला सहित कई नेताओं की उपस्थिति ने भाजपा के खिलाफ महागठबंधन का संकेत दिया है। कर्नाटक में गठबंधन सरकार बनाने के बाद हाल ही में हुए पांच राज्यों में से तीन पर कांग्रेस की जीत से गैर कांग्रेसी नेताओं का कांग्रेस के प्रति झुकाव हुआ है। शपथ ग्रहण समारोह में आज उनकी उपस्थिति ने विपक्षी एकता को मजबूती दी है। आने वाले लोकसभा चुनाव में विपक्षी एकता की क्या तस्वीर बनेगी यह तो भविष्य में ही पता चलेगा लेकिन आज के शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी नेताओं की नजदीकियां देखने को मिली। कांग्रेस ने शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी नेताओं को बुलाकर एक ही छाते के नीचे आने के लिए पहल की हैं।  

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लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, भूपेंद्र हुड्डा, सिद्धरमैया, आनंद शर्मा, तरुण गोगोई, नवजोत सिंह सिद्धू, अविनाश पांडे सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी शपथ ग्रहण कार्यक्रम में पहुंचे। हालांकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और मायावती ने कांग्रेस के इस समारोह से दूरी बनाई और तीनों दिग्गज नेता शपथ ग्रहण में शामिल नहीं हुए। ममता बनर्जी ने रविवार को ही समारोह में आने से इंकार कर दिया था। बता दें कि द्रमुक नेता स्टालिन ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने पैरवी की और अपना पूरा समर्थन देने की बात भी कही।
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