Edited By Anu Malhotra,Updated: 22 May, 2026 03:16 PM

Twisha Sharma Case: भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत से जुड़े मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। शुक्रवार को इसी केस से जुड़ी एक नई घटना में माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब गिरिबाला सिंह...
Twisha Sharma Case: भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत से जुड़े मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। शुक्रवार को इसी केस से जुड़ी एक नई घटना में माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब गिरिबाला सिंह के घर के बाहर मीडिया और वकील के बीच तीखी स्थिति बन गई।
जानकारी के अनुसार, गिरिबाला सिंह के वकील एनोश जॉर्ज कोर्ट की कार्यवाही से जुड़े जवाब देने के लिए कटारा हिल्स स्थित उनके घर पहुंचे थे। जैसे ही वह वहां से निकलकर अपनी गाड़ी की ओर बढ़े, पत्रकारों ने उन्हें मामले से जुड़े कई सवाल पूछने शुरू कर दिए। शुरुआत में उन्होंने शांति से जवाब देने की कोशिश की, लेकिन जल्द ही स्थिति बिगड़ गई।
वकील का आरोप है कि निकलते समय उनकी गाड़ी आगे बढ़ने के दौरान उनका पैर चोटिल हो गया। इस घटना से नाराज़ होकर उन्होंने गुस्से में प्रतिक्रिया दी और मीडिया पर सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना था कि इस स्थिति में उनकी जान को खतरा हो सकता था और यह लापरवाही है।
पत्रकारों के सवालों के बीच उन्होंने कुछ सवालों के जवाब भी दिए, लेकिन तनाव बढ़ने के बाद बातचीत अधूरी रह गई। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे अदालत में जवाब दाखिल करेंगे, तो उन्होंने संक्षेप में कहा कि इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब ट्विशा शर्मा की मौत का मामला पहले से ही गंभीर जांच के दायरे में है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया और आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया। वहीं ससुराल पक्ष का कहना है कि ट्विशा नशे की समस्या से जूझ रही थीं और मामला पूरी तरह अलग दिशा में देखा जाना चाहिए।
पुलिस ने इस मामले में पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत दहेज हत्या, घरेलू हिंसा और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं, साथ ही दहेज निषेध अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।