कुर्सी डगमगाई तो राष्ट्रपति याद आए: बिक्रम मजीठिया

Edited By Updated: 25 Apr, 2026 08:55 PM

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कुर्सी डगमगाई तो राष्ट्रपति याद आए: बिक्रम मजीठिया

चंडीगढ़, 25 अप्रैल (अर्चना सेठी)शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया ने आम आदमी पार्टी में मची भगदड़ और सियासी संकट को लेकर मुख्यमंत्री भगवत मान  पर जोरदार हमला बोला है।

 

मजीठिया ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि जैसे ही कुर्सी डगमगाई, मुख्यमंत्री को राष्ट्रपति की याद आ गई, लेकिन पंजाब के ज्वलंत मुद्दों—बंदी सिंहों की रिहाई, राज्य के अधिकार, किसानों और युवाओं के मुद्दे—पर कभी राष्ट्रपति से मिलने की जरूरत महसूस नहीं हुई।

 

मजीठिया ने कहा कि अगर आपकी पार्टी छोड़ने वाले “गद्दार” हैं, तो दूसरी पार्टियों से आपकी पार्टी में शामिल होने वाले कौन थे? क्या सत्ता के लिए वे ईमानदार थे और अब गद्दार हो गए? क्या अकाली दल के विधायक सुखविंदर सुखी, हरमीत सिंह संधू, हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों, मोहिंदर भगत, राजकुमार चब्बेवाल, जसवीर सिंह गढ़ी, गुरप्रीत सिंह आदि लोग गद्दार नहीं हैं? 

 

मजीठिया ने कहा कि मुख्यमंत्री को चार साल में दिल्ली हाईकमान द्वारा पंजाब के संसाधनों की कथित लूट और दखलंदाजी की जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा देना चाहिए और राज्यपाल को विधानसभा भंग करने की सिफारिश करनी चाहिए, ताकि पंजाब की जनता खुद फैसला कर सके।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि अब मुख्यमंत्री को राघव चड्ढा को दी गई कोठी याद आ रही है, लेकिन पंजाब का खजाना पहले ही दिल्ली के नेताओं की ऐशो-आराम, “शीश महल” और सरकारी जहाजों के हवाई सफर पर लुटाया जा चुका है—उसका हिसाब कौन देगा?

 

मजीठिया ने कहा कि पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं ने पंजाब को नहीं, बल्कि उन लोगों को झटका दिया है जिन्होंने पंजाब के साथ विश्वासघात कर दिल्ली के नेताओं को पद बांटे ओर पोस्टर लगाने वाले आले वालंटियरों को सिर्फ धक्के मुक्के ही मिले है आज वही वालंटियर देख रहे है कि किस तरह उनके सपनो का सौदा कर दिया गया ओर दिल्ली ने पंजाब को दोनों हाथों से लूट लिया जो अब भी जारी है।

 

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के भीतर पैदा हुआ संकट पैसे, सत्ता, लालच और सौदेबाज़ी की गंदी लड़ाई का नतीजा है, और अब कई मंत्री व विधायक भी अपने भ्रष्टाचार की फाइलें खुलने के डर से बाहर निकलने की तैयारी में हैं।

 

उन्होंने आगे आरोप लगाते हुए पंजाबियों को कहा कि भगवंत मान से पूछे जब मुख्यमंत्री वह है तो दिल्ली वालों को सुपर सीएम किसने बनाया किसके कहे पर इनको पंजाब पुलिस की सुरक्षा  गाड़िया कोठिया दी गई इसके लिए सीधा जिम्मेवार भगवंत मान है जिसको मुख्यमंत्री की कुर्सी पर रहने का कोई हक नहीं है ओर अपने पद से तुरंत त्यापत्र देना चाहिए क्योंकि न तो वह अपने वालंटियरों के सपनो को पूरा कर पाया ओर नहीं ही पंजाबियों के सपनो को।

 

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