Edited By Archna Sethi,Updated: 16 Apr, 2026 09:43 PM

मजीठिया ने राजनीतिक-पुलिस गठजोड़ की जांच की मांग की
चंडीगढ़, 16 अप्रैल (अर्चना सेठी) शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने राज्य की सरकार द्वारा राज्यसभा सांसद राघव चढढा की सुरक्षा हटाने के मुद्दे पर गंभीर सवाल उठाते मान सरकार और कार्यकारी डीजीपी को निशाने पर लिया है।
उन्होंने आशंका जताई कि क्या मरहूम सिद्धू मूसेवाला की तरह एक और बड़े राजनीतिक कत्ल की साजिश रची जा रही है?मजीठिया ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मान और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में एक ऐसा राजनीतिक-पुलिस गठजोड़ बन चुका है, जो अपने निजी राजनीतिक हितों के लिए सुरक्षा व्यवस्था का दुरुपयोग कर रहा है और किसी भी नेता की जान को खतरे में डाल सकता है।
उन्होंने कहा कि भारत-पाक सीमा से सटे पंजाब जैसे संवेदनशील राज्य में, जहां पुलिस को लोगों और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए, वहां कार्यकारी डीजीपी अपने राजनीतिक आकाओं के इशारों पर काम करते हुए लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं।
मजीठिया ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा को दी गई सुरक्षा खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर है, जबकि पंजाब में एजेंसियों की इनपुट को नजरअंदाज कर केवल राजनीतिक आधार पर सुरक्षा दी या हटाई जा रही है, जो पुलिस प्रणाली का खुला उल्लंघन है ओर अधिकारियों ने अपने गालों में आम आदमी पार्टी का पट्टा डाल रखा है।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि मान–केजरीवाल के इशारों पर काम करने वाले इस राजनीतिक-पुलिस गठजोड़ की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए, ताकि यह सामने आ सके कि कौन अधिकारी किसके इशारे पर नेताओं की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं।