Edited By Subhash Kapoor,Updated: 26 Jan, 2026 07:41 PM

गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान सार्वजनिक रूप से लगाए गए कथित ₹30 लाख रिश्वत आरोप ने अब कानूनी रूप ले लिया है। इस मामले में अधिवक्ता डॉ. गौरव अरोड़ा ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को औपचारिक शिकायत भेजकर मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
लुधियाना : गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान सार्वजनिक रूप से लगाए गए कथित ₹30 लाख रिश्वत आरोप ने अब कानूनी रूप ले लिया है। इस मामले में अधिवक्ता डॉ. गौरव अरोड़ा ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को औपचारिक शिकायत भेजकर मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अपनी शिकायत में डॉ. अरोड़ा ने कहा है कि 26 जनवरी 2026 को आयोजित एक आधिकारिक गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के दौरान खुले मंच से यह आरोप लगाया गया कि नगर परिषद अध्यक्ष का पद हासिल करने के लिए ₹30 लाख की अवैध रिश्वत दी गई। आरोप में AAP के एक मौजूदा विधायक की कथित संलिप्तता का भी जिक्र किया गया है।
शिकायत के अनुसार यह आरोप किसी निजी बातचीत में नहीं, बल्कि सार्वजनिक समारोह में लगाया गया, जिसे कई लोगों ने सुना और जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध बताई जा रही है। शिकायतकर्ता ने संबंधित समाचार रिपोर्ट, वीडियो लिंक और अन्य डिजिटल सामग्री को साक्ष्य के तौर पर संलग्न करने की बात कही है।
डॉ. अरोड़ा ने अपनी शिकायत में आशंका जताई है कि यह मामला सार्वजनिक पद के दुरुपयोग, अवैध धन के लेन-देन और संभावित रूप से अपराध से अर्जित धन से जुड़ा हो सकता है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी रकम और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से जुड़े आरोपों को नजरअंदाज करना जनहित के खिलाफ होगा।
उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय से मांग की है कि इस आरोप का संज्ञान लेकर कथित ₹30 लाख की राशि के स्रोत, लेन-देन और उपयोग की जांच की जाए। साथ ही धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत प्रारंभिक जांच शुरू करने और आवश्यकता पड़ने पर आगे की कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध भी किया गया है।
