Hair Wash on Ekadashi 2026: क्या एकादशी के दिन बाल धोना चाहिए? जानें धार्मिक मान्यता और नियम

Edited By Updated: 13 Mar, 2026 12:43 PM

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Hair Wash on Ekadashi: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को पापमोचनी एकादशी कहा जाता है। वर्ष 2026 में पापमोचनी एकादशी का व्रत 15 मार्च को रखा...

Hair Wash on Ekadashi: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को पापमोचनी एकादशी कहा जाता है। वर्ष 2026 में पापमोचनी एकादशी का व्रत 15 मार्च को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसलिए श्रद्धालु इस दिन विधि-विधान से व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं।

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एकादशी के दिन बाल धोने को लेकर क्यों होता है भ्रम?
अधिकांश लोगों को यह पता होता है कि एकादशी के व्रत में चावल नहीं खाए जाते, लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या इस दिन बाल धोना या सिर धोना सही है या नहीं। धार्मिक परंपराओं और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, एकादशी के दिन बाल धोना शुभ नहीं माना जाता। ऐसा माना जाता है कि इस दिन सिर धोने से व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता और पुण्य कम हो सकता है।

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एकादशी के दिन बाल धोना क्यों माना जाता है अशुभ?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि कोई व्यक्ति एकादशी के दिन बाल धोता है तो—
व्रत का पुण्य फल कम हो सकता है।

आध्यात्मिक ऊर्जा में कमी आ सकती है।

घर में नकारात्मकता और आर्थिक परेशानी बढ़ने की आशंका रहती है।

परिवार की सुख-समृद्धि प्रभावित हो सकती है।

इसी कारण विशेष रूप से महिलाओं को एकादशी के दिन बाल धोने से बचने की सलाह दी जाती है। धार्मिक दृष्टि से बेहतर माना जाता है कि एकादशी से एक दिन पहले या अगले दिन बाल धो लिए जाएं। 

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एकादशी के दिन क्या-क्या नहीं करना चाहिए?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन कुछ कार्यों से परहेज करना चाहिए—
बाल और नाखून काटना वर्जित माना जाता है।
कपड़े धोने से बचना चाहिए।
घर में पोंछा लगाने से भी परहेज किया जाता है।
इस दिन चावल का सेवन नहीं किया जाता।

मान्यता है कि इन नियमों का पालन करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

एकादशी व्रत का धार्मिक महत्व
एकादशी का व्रत हिंदू धर्म के सबसे पवित्र व्रतों में से एक माना जाता है। श्रद्धा और नियमों के साथ इस व्रत को करने से—
पापों का नाश होता है।
मन को शांति मिलती है।
भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

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