Edited By Subhash Kapoor,Updated: 26 Jan, 2026 11:20 PM

गणतंत्र दिवस के मौके पर आम आदमी पार्टी के मौजूदा विधायक सुखवीर सिंह माइसरखाना पर लगे 30 लाख रुपये की कथित रिश्वत के गंभीर आरोपों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस मामले में अब भुलत्थ से विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो का...
पंजाब डैस्क : गणतंत्र दिवस के मौके पर आम आदमी पार्टी के मौजूदा विधायक सुखवीर सिंह माइसरखाना पर लगे 30 लाख रुपये की कथित रिश्वत के गंभीर आरोपों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस मामले में अब भुलत्थ से विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो का हवाला देते हुए ‘आप’ के मौड़ से विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सुखपाल खैरा ने दावा किया कि नगर काउंसिल मौड़ के प्रधान करनैल सिंह ने कैमरे के सामने स्वीकार किया है कि उन्होंने अपनी प्रधानगी की कुर्सी बचाने के लिए मौड़ के ‘आप’ विधायक को 30 लाख रुपये की रिश्वत दी थी। खैरा के अनुसार इस खुलासे ने राज्य सरकार के भ्रष्टाचार विरोधी दावों की पोल खोल दी है।
इस संबंध में खैरा ने ट्वीट करते हुए कहा कि इस घटना ने अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान के भ्रष्टाचार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” के नारे को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब सरकार अपने ही विधायक के खिलाफ कार्रवाई करेगी?
इस दौरान सुखपाल खैरा ने पंजाब पुलिस के डीजीपी और विजिलेंस ब्यूरो को चुनौती देते पूछा कि क्या उनके पास इस कथित भ्रष्ट विधायक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार करने की हिम्मत है, या फिर वे सिर्फ ‘आप’ के राजनीतिक विरोधियों को ही निशाना बनाना जानते हैं। इस मामले के बाद विपक्षी दलों ने सरकार को घेरने की तैयारी शुरू कर दी है, जबकि सत्ताधारी पक्ष की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर मौड़ विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक डिवीजन स्तरीय कार्यक्रम के दौरान विधायक सुखवीर सिंह माइसरखाना और नगर काउंसिल प्रधान करनैल सिंह के बीच झड़प हो गई।
जानकारी के अनुसार ध्वजारोहण समारोह के बाद नगर काउंसिल प्रधान की सीट पर कोई अन्य व्यक्ति बैठ गया था। प्रधान ने जब उस व्यक्ति को सीट से उठाने की कोशिश की तो मौके पर मौजूद विधायक सुखवीर सिंह माइसरखाना के साथ उनकी बहस हो गई। इस दौरान प्रधान और उनके बेटे को कथित रूप से विधायक की ओर से धक्का दिया गया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
मौके पर मौजूद डीएसपी मौड़ कुलदीप सिंह बराड़ ने स्थिति को संभाला और हालात बिगड़ने से रोका। नगर काउंसिल प्रधान करनैल सिंह ने विधायक पर जानबूझकर उनकी बेइज्जती करने के आरोप लगाए।
कार्यक्रम के दौरान विधायक माइसरखाना और एक स्थानीय प्रधान के बीच जमकर हंगामा हुआ, जिसमें विधायक पर 30 लाख रुपये लेकर “बिकने” का गंभीर आरोप लगाया गया। प्रधान ने सार्वजनिक रूप से दावा किया कि विधायक 30 लाख रुपये में बिक चुका है और यह पैसा उन्होंने खुद दिया था।