राजीव कुमार ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में प्रभार संभाला

Edited By Updated: 16 May, 2022 10:01 AM

pti state story

नयी दिल्ली, 15 मई (भाषा) पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार ने रविवार को 25वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के रूप में प्रभार संभाल लिया और उनकी पहली बड़ी जिम्मेदारी राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव कराना होगी, जो जल्द ही होने वाले हैं।

नयी दिल्ली, 15 मई (भाषा) पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार ने रविवार को 25वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के रूप में प्रभार संभाल लिया और उनकी पहली बड़ी जिम्मेदारी राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव कराना होगी, जो जल्द ही होने वाले हैं।

निर्वाचन आयोग (ईसी) के एक बयान के अनुसार, कुमार ने कहा कि आयोग किसी भी सुधार को लाने में आम सहमति बनाने और परामर्श करने के लंबे समय से चल रही पद्धतियों का पालन करेगा तथा सख्त फैसले लेने से भी नहीं हिचकिचाएगा।

राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति पद के चुनाव जुलाई-अगस्त में होने हैं। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव कुमार के कार्यकाल में ही होंगे। उनका कार्यकाल फरवरी, 2025 तक है।

वह एक सितंबर, 2020 से निर्वाचन आयुक्त के तौर पर निर्वाचन आयोग से जुड़े हुए थे और बृहस्पतिवार को उन्हें सीईसी नियुक्त किया गया। उन्होंने सुशील चंद्रा का स्थान लिया है जो शनिवार को सेवानिवृत्त हो गए।

निर्वाचन आयोग के बयान के अनुसार, सीईसी के तौर पर प्रभार संभालने के बाद कुमार ने कहा कि वह उत्कृष्ट संस्थानों में से एक की अगुवाई करने की जिम्मेदारी दिए जाने से सम्मानित महसूस कर रहे हैं, यह ऐसा संस्थान है जो हमारे लोकतंत्र को सुदृढ़ करता है।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ढंग से चुनाव कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने पिछले 70 वर्षों में काफी कुछ किया है, मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित की, कदाचारों को रोका और चुनावों की गुणवत्ता बढ़ायी।

उन्होंने कहा, ‘‘आयोग कोई भी बड़ा सुधार लाने के लिए आम सहमति बनाने और परामर्श की लंबे समय से चल रही पद्धतियों और लोकतांत्रिक प्रणालियों का पालन करेगा।’’
कुमार ने कहा कि बेहतर चुनाव प्रबंधन तथा संचालन के लिए पारदर्शिता लाने और मतदाताओं के लिए सेवाओं को सुगम बनाने के वास्ते प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए तकनीक एक प्रमुख उपकरण होगा।

कुमार को उनके सहकर्मी और उनके मातहत काम करने वाले लोग सख्त छवि वाले अधिकारी के तौर पर जानते हैं जो व्यावहारिक रुख रखते हें और ईमानदारी के साथ काम करते हैं।

उनके साथ काम कर चुके दो वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय सेवा सचिव और वित्त सचिव रहते हुए उन्होंने समाज के गरीब और कमजोर वर्गों की गाढ़ी कमाई की सुरक्षा, पारदर्शिता और तकनीकी बढ़ाने के लिए काम किया।

एक अधिकारी ने बताया कि उनके कार्यकाल में वित्तीय क्षेत्र में गलत गतिविधियों में लिप्त कई लोगों को कानून का सामना करना पड़ा। इनमें कुछ बड़े नाम चंदा कोचर, नीरव मोदी, मेहुल चोकसी, कपिल वधावन, राणा कपूर और धीरज वधावन के हैं।

कुमार ने कोविड-19 के दौरान भी अपने काम का लोहा मनवाया, जब उन्हें अप्रैल 2020 में लोक उद्यम चयन बोर्ड (पीईएसबी) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।



यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!